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जम्मू-कश्मीर में विवादित किताबों की मंजूरी पर बड़ा एक्शन, 8 अधिकारी सस्पेंड; जांच के आदेश

श्रीनगर, 4 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर सरकार ने स्कूलों से विवादित किताबों को हटाने का आदेश देने के बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए शनिवार को आठ अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए।
 

श्रीनगर, 4 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर सरकार ने स्कूलों से विवादित किताबों को हटाने का आदेश देने के बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए शनिवार को आठ अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए।

अलगाववादियों और आतंकवादियों का महिमामंडन करने का आरोप झेल रही इन विवादित किताबों में शामिल हैं: (i) 'पर्सनैलिटीज एंड लेजेंड्स ऑफ जम्‍मू-कश्‍मीर', जिसके लेखक हिलाल अहमद और संतोष मीणा हैं और इसे ओबेरॉय बुक सर्विस, जम्मू ने प्रकाशित किया है, और (ii) 'पर्सनैलिटीज ऑफ जम्मू एंड कश्मीर', जिसके लेखक डॉ. सुशांत गिरी हैं और इसे अनुराग प्रकाशन, दिल्ली ने प्रकाशित किया है।

इन किताबों को मंजूरी देने में शामिल आठ अधिकारियों को सस्पेंड करने के सरकारी आदेश में कहा गया है, "यह देखा गया है कि ऊपर सीरियल (i) में बताई गई 123 किताबें जम्मू, रामबन और उधमपुर जिलों में सप्लाई की गई थीं और सीरियल (ii) में बताई गई 128 किताबें जम्मू और बारामूला जिलों में सप्लाई की गई थीं। विभाग के ध्यान में यह बात आई है कि इन किताबों में बहुत ही अनुचित सामग्री है। यह साफ है कि 'सब-कमेटी सीरीज 4' के सदस्यों और सुपरवाइजरी अधिकारियों ने ऐसी किताबों की सिफारिश करने में गंभीर लापरवाही बरती, अपने कर्तव्य का पालन नहीं किया और उचित सावधानी नहीं बरती। इन किताबों में अलगाववाद से जुड़ी सामग्री थी, जिससे कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है।"

आदेश में आगे कहा गया, "ऊपर बताई गई बातों और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए, 'सब-कमेटी सीरीज 4' के सदस्य सरकारी कर्मचारियों के लिए अनुचित ऐसी गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार लगते हैं। इसलिए, जम्मू-कश्मीर सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1956 के नियम 31(1)(ए) के तहत, स्कूल शिक्षा विभाग के निम्नलिखित अधिकारियों और सुपरवाइजरी स्टाफ को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया जाता है।"

सस्पेंड अधिकारियों में फजिल इमरान सिद्दीकी, कोऑर्डिनेटर, लाइब्रेरी, समग्र शिक्षा; गुरजीत सिंह, असिस्टेंट कोऑर्डिनेटर, समग्र शिक्षा; संजीव शर्मा, प्रिंसिपल, जीएचएसएस कोरे पन्नू, कठुआ; और शाजिया कौसर, एकेडमिक ऑफ़िसर, एससीईआरटी, जम्मू शामिल हैं। इम्तियाज अहमद मीर, लेक्चरर, बीएचएसएस, बडगाम; निरंजन शर्मा, लेक्चरर, जीएचएसएस बड़हट, किश्तवाड़, डीआईईटी, जम्मू; रेनू मेंगी, लेक्चरर; और राजमोहिनी, लेक्चरर, जीजीएसएस, पुंछ, शामिल हैं।

आदेश में यह भी कहा गया है कि सस्पेंशन की अवधि के दौरान, वे स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े रहेंगे। इसके अलावा यह आदेश दिया जाता है कि शेख सुहेल अहमद, कंप्यूटर असिस्टेंट (कॉन्ट्रैक्ट पर) को तत्काल प्रभाव से उनके कॉन्ट्रैक्ट से हटा दिया गया है। वे समग्र शिक्षा के लाइब्रेरी कोऑर्डिनेटर की मदद कर रहे थे।"

इस मामले की जांच करने के लिए अश्वनी कुमार, आईएएस, फाइनेंशियल कमिश्नर (एडिशनल चीफ सेक्रेटरी), पावर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं, रोहित शर्मा, जेकेएएस, एडिशनल सेक्रेटरी टू द गवर्नमेंट, जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट, को इस मामले में प्रेजेंटिंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है। जांच अधिकारी 30 दिनों के भीतर सक्षम अधिकारी को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।

इसके अलावा, यह आदेश दिया जाता है कि ऊपर बताए गए लेखकों और पब्लिशर्स को अब से केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में प्रतिबंधित और ब्लैकलिस्ट किया जाता है। साथ ही, उनके द्वारा लिखे और/या पब्लिश किए गए किसी भी प्रिंटेड मटीरियल को भी जम्मू-कश्मीर क्षेत्र से हटा लिया जाएगा।"

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम