झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और छात्रों पर केस दर्ज होने के खिलाफ भाजपा का आंदोलन
रांची, 8 सितंबर (आईएएनएस)। भाजपा ने मंगलवार को झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और विरोध कर रहे छात्रों पर केस दर्ज किए जाने के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने रांची, हजारीबाग, दुमका, जमशेदपुर और गढ़वा समेत कई जिलों में प्रदर्शन किए और प्रशासनिक दफ्तरों व जिला मुख्यालयों का घेराव किया।
उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की सीबीआई जांच और आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज केस वापस लेने की मांग की।
रांची में, भाजपा कार्यकर्ताओं ने डिस्ट्रिक्ट स्कूल से शहीद चौक होते हुए जिला कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकाला और रास्ते भर राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
राज्य भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन में कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए, जिनमें हटिया के विधायक नवीन जायसवाल, रांची के विधायक सीपी सिंह, पूर्व सांसद दीपक प्रकाश और रांची की मेयर रोशनी खलखो शामिल थीं।
कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा हमेशा छात्रों और युवा आंदोलनों के साथ खड़ी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने उन छात्रों को निशाना बनाया जिन्होंने परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ आवाज उठाई और उनके खिलाफ केस दर्ज किए।
उन्होंने इस मामले की सीबीआई जांच और छात्रों पर दर्ज सभी केस तुरंत वापस लेने की पार्टी की मांग को दोहराया।
साहू ने घोषणा की कि झारखंड के सभी जिलों में भाजपा का आंदोलन 11 सितंबर तक जारी रहेगा।
दुमका में, झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
एक जनसभा को संबोधित करते हुए मरांडी ने पिछले पांच-छह वर्षों में झारखंड में हुई सभी भर्तियों की सीबीआई जांच की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने 'रोजगार देने के बजाय नौकरियां बेची हैं।' उन्होंने कहा कि छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध के बावजूद उन पर केस दर्ज किए गए।
मरांडी ने दावा किया कि भर्ती में गड़बड़ी से जुड़े कई मामलों में अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है और आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में बिचौलियों का एक नेटवर्क शामिल है।
उन्होंने चल रही सीआईडी जांच की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए।
हजारीबाग में, पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं और छात्र समर्थकों ने डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय का घेराव किया। दास ने कहा कि अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्ण विरोध कर रहे छात्रों पर केस दर्ज करना उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने जैसा है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रतियोगी परीक्षाएं युवाओं के भविष्य और उनकी उम्मीदों से गहराई से जुड़ी हैं। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की और चेतावनी दी कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भाजपा नेताओं ने दावा किया कि आंदोलन से जुड़े 300 से ज्यादा छात्रों पर मामले दर्ज किए गए हैं और मांग की कि ऐसे सभी मामले तुरंत वापस लिए जाएं।
गढ़वा में, रक्षा राज्य मंत्री रह चुके संजय सेठ ने जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने के बाद टाउन हॉल मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया।
उन्होंने जेपीएससी और जेएसएससी भर्तियों की सीबीआई जांच, छात्रों पर दर्ज मामले वापस लेने और विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कथित ज्यादतियों पर कार्रवाई की मांग की।
--आईएएनएस
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