ब्रोकरेज जेफ्रीज ने इंडस टावर्स की घटाई रेटिंग, टारगेट प्राइस 530 रुपए से घटाकर 375 रुपए किया
मुंबई, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। बुधवार के कारोबारी सत्र में इंडस टावर्स के शेयरों पर दबाव देखने को मिला, क्योंकि ब्रोकरेज फर्म जेफ्रीज ने इस स्टॉक की रेटिंग 'बाय' से घटाकर 'अंडरपरफॉर्म' कर दिया और टारगेट प्राइस भी कम कर दिया।
ब्रोकरेज फर्म ने इंडस टावर्स का टारगेट प्राइस 530 रुपए से घटाकर 375 रुपए कर दिया है, जो मौजूदा स्तर से करीब 14 प्रतिशत गिरावट की संभावना दिखाता है।
जेफ्रीज ने कहा कि यह डाउनग्रेड कंपनी की ग्रोथ, कैश फ्लो और वैल्यूएशन को लेकर बढ़ते जोखिमों को देखते हुए किया गया है।
ब्रोकरेज के अनुसार, फिलहाल ऑपरेटिंग माहौल स्थिर है, लेकिन नजदीकी समय में अनिश्चितताएं और स्ट्रक्चरल दबाव स्टॉक की तेजी को सीमित कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी में जोखिम और रिटर्न का संतुलन अब पहले जैसा आकर्षक नहीं रहा है, क्योंकि कमाई में मामूली बढ़ोतरी और डिविडेंड यील्ड भी इन चिंताओं को संतुलित नहीं कर पा रही है।
जेफ्रीज ने कंपनी के रेवेन्यू और मुनाफे (पीएटी) के अनुमान में 2 से 6 प्रतिशत तक कटौती की है और आगे सिर्फ 3 प्रतिशत ईपीएस ग्रोथ और करीब 4 प्रतिशत यील्ड का अनुमान लगाया है।
डाउनग्रेड के बाद शेयर बाजार में इंडस टावर्स के शेयरों में गिरावट आई और एनएसई पर इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान स्टॉक करीब 4 प्रतिशत गिरकर 420.50 रुपए के दिन के निचले स्तर तक आ गया।
वहीं, खबर लिखे जाने तक (दोपहर करीब 2.40 बजे) कंपनी के शेयर 3.9 प्रतिशत गिरकर 421.35 रुपए पर ट्रेड करते नजर आए। बुधवार को शेयर 434.50 रुपए पर खुला और एक समय 436.90 रुपए के दिन के उच्चतम स्तर को छुआ।
ब्रोकरेज ने बताया कि कंपनी के सामने एक बड़ी चिंता वित्त वर्ष 2027 में बड़ी संख्या में टावर लीज का रिन्यूअल है, जिससे रेवेन्यू और ग्रोथ पर असर पड़ सकता है।
कंपनी के कई टावर साइट्स 2026 के दूसरे हिस्से से लेकर 2027 के पहले हिस्से तक रिन्यू होने वाले हैं, जिससे कीमतों पर दबाव आ सकता है।
जेफ्रीज ने यह भी चेतावनी दी कि टेलीकॉम सेक्टर में नए टावर जोड़ने की रफ्तार धीमी होने से रिन्यूअल के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। ऐसे में कंपनी को या तो ज्यादा छूट देनी पड़ सकती है या फिर ग्राहक खोने का जोखिम उठाना पड़ सकता है।
साथ ही, अगर कंपनी किसी एक टेलीकॉम ऑपरेटर को छूट देती है, तो उसे अन्य कंपनियों जैसे वोडाफोन आईडिया और भारती एयरटेल को भी वही छूट देनी पड़ सकती है, जिससे कुल आय पर असर पड़ सकता है।
--आईएएनएस
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