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नीतीश कुमार के सत्ता में दो दशक पूरे, जेडीयू 24 नवंबर को सुशासन दिवस के रूप में मनाएगी, तैयारियां तेज

पटना, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। जनता दल (यूनाइटेड) 24 नवंबर को ‘सुशासन दिवस’ के रूप में मनाएगी। यह दिन 2005 में नीतीश कुमार के बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने की 20वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाया जाएगा।
 

पटना, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। जनता दल (यूनाइटेड) 24 नवंबर को ‘सुशासन दिवस’ के रूप में मनाएगी। यह दिन 2005 में नीतीश कुमार के बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने की 20वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाया जाएगा।

पार्टी राज्य-स्तरीय 'नीतीश संवाद' कार्यक्रमों का आयोजन करेगी, ताकि नीतीश कुमार के दो दशकों के कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों, जन कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सुधारों को उजागर किया जा सके।

गुरुवार को पटना में जेडीयू के राज्य मुख्यालय स्थित कर्पूरी हॉल में एक तैयारी बैठक आयोजित की गई।

राज्य अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, तैयारियों और इसके सफल आयोजन के लिए जिम्मेदारियों पर चर्चा की गई।

बैठक में जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, राज्य मंत्री लेशी सिंह और श्वेता गुप्ता, विधान परिषद के उप-नेता ललन कुमार सर्राफ, मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह 'गांधी', मुख्यालय प्रभारी शंभू कुशवाहा और पार्टी के कई अन्य पदाधिकारी शामिल हुए।

इसके अलावा, विधायक, जिला अध्यक्ष और पार्टी के विभिन्न विंगों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। लेशी सिंह को इस कार्यक्रम का समन्वयक (कोऑर्डिनेटर) नियुक्त किया गया है।

बैठक को संबोधित करते हुए, झा ने नीतीश कुमार सरकार की पिछले दो दशकों की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने और लोगों के जीवन पर उनके प्रभाव को उजागर करने पर जोर दिया।

उन्होंने साइकिल योजना, जीविका स्वयं सहायता समूह और उद्यमिता कार्यक्रमों जैसी पहलों का जिक्र किया और पार्टी नेताओं को निर्देश दिया कि वे लाभार्थियों के बारे में जानकारी जुटाएं और उनके अनुभवों को दर्शाने वाले वीडियो तैयार करें।

झा ने नीतीश कुमार को एक राजनीतिक नेता और समाज सुधारक दोनों बताया, और सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 'मानव श्रृंखला' जैसी पहलों का उदाहरण दिया।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे सरकार की नीतियों और जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रभाव को पूरे बिहार के लोगों तक पहुंचाएं।

कुशवाहा ने बताया कि जब 24 नवंबर 2005 को नीतीश कुमार ने पदभार संभाला था, तब बिहार के सामने कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के क्षेत्र में बड़ी चुनौतियां थीं।

उन्होंने कहा कि इसके बाद सरकार ने शासन, विकास और कल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया, जिसमें समाज के वंचित वर्गों तक पहुंचना प्राथमिकता रही।

उन्होंने जिला अध्यक्षों को निर्देश दिया कि वे तैयारी समितियां गठित करें, पार्टी के विभिन्न विंगों के साथ समन्वय स्थापित करें और जिम्मेदारियां सौंपें।

इन कार्यक्रमों में किसानों, छात्रों, महिलाओं, समाज सेवियों, आरक्षण नीतियों और पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों सहित अन्य समूहों को शामिल किया जाना चाहिए।

सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान की जानी चाहिए और उन्हें आमंत्रित किया जाना चाहिए ताकि वे बता सकें कि इन पहलों ने उनके जीवन पर क्या प्रभाव डाला है। लेशी सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसके जरिए बिहार के विकास और समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए नीतीश कुमार द्वारा किए गए कार्यों को उजागर किया जा सकता है।

उन्होंने नेतृत्व को भरोसा दिलाया कि पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को शामिल करके तैयारियां पूरी की जाएंगी।

--आईएएनएस

एससीएच