जयपुर ग्रामीण लोकसभा चुनाव : राजस्थान हाई कोर्ट में मामले से हटने की ईसीआई की याचिका खारिज
जयपुर, 29 जुलाई (आईएएनएस)। राजस्थान हाई कोर्ट ने भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) की उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमें उसने 2024 के जयपुर ग्रामीण लोकसभा चुनाव नतीजों को चुनौती देने वाली याचिका में खुद को पक्षकार के तौर पर हटाने की मांग की थी।
जस्टिस विनोद कुमार भरवानी ने आदेश दिया कि ईसीआई, मुख्य चुनाव आयुक्त, जिला चुनाव अधिकारी और रिटर्निंग अधिकारी मामले में पक्षकार बने रहेंगे।
कोर्ट ने पाया कि कांग्रेस उम्मीदवार अनिल चोपड़ा और भाजपा उम्मीदवार राव राजेंद्र सिंह के बीच जीत का अंतर 1,615 वोटों का था, जबकि रद्द किए गए पोस्टल बैलेट की संख्या इस अंतर से ज्यादा थी, जिससे चुनाव आयोग इस मामले में एक जरूरी पक्ष बन गया।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ध्यान दिया कि चुनाव नतीजों वाले दिन (4 जून, 2024) रिटर्निंग ऑफिसर ने याचिकाकर्ता को बताया था कि 1,225 पोस्टल बैलेट रद्द किए गए थे। हालांकि, बाद में सूचना का अधिकार, कानून के जरिए मिली जानकारी से पता चला कि 2,738 पोस्टल बैलेट रद्द किए गए थे।
कोर्ट ने देखा कि दोनों आंकड़े चुनाव आयोग ने एक ही दिन के लिए दिए थे और यही अंतर दोनों उम्मीदवारों के बीच विवाद की मुख्य वजह है।
कोर्ट ने फैसला सुनाया, "इन हालात को देखते हुए, चुनाव आयोग इस मामले में एक जरूरी पक्ष है, इसलिए, उसकी अर्जी खारिज की जाती है।"
चुनाव आयोग ने तर्क दिया था कि 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951' के तहत उसे चुनाव याचिका में पक्ष नहीं बनाया जा सकता, क्योंकि यह विवाद पूरी तरह से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के बीच था।
याचिका का विरोध करते हुए, कांग्रेस उम्मीदवार अनिल चोपड़ा के वकील ने तर्क दिया कि जीत का अंतर रद्द किए गए पोस्टल बैलेट की संख्या से कम था, जिससे इन अंतरों को समझाने में आयोग की भूमिका अहम हो जाती है।
याचिकाकर्ता ने चुनाव नतीजों को चुनौती देने के मुख्य आधार के तौर पर रद्द किए गए पोस्टल बैलेट से जुड़े अलग-अलग आंकड़ों की ओर भी इशारा किया।
2024 के लोकसभा चुनाव में, भाजपा के राव राजेंद्र सिंह ने जयपुर ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार अनिल चोपड़ा को 1,615 वोटों से हराया। 4 जून, 2024 को नतीजे घोषित होने के बाद, चोपड़ा ने वोटों की गिनती की प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया और रिटर्निंग ऑफिसर के कमरे में धरना पर बैठ गए।
उन्होंने वोटों की दोबारा गिनती की मांग की, लेकिन चुनाव अधिकारियों ने अनुरोध को खारिज कर दिया और इसके बजाय सिर्फ आंकड़ों का दोबारा मिलान किया।
--आईएएनएस
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