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एसआईआर के बाद जयपुर अपनी पहली बड़ी चुनावी परीक्षा के लिए तैयार

जयपुर, 8 सितंबर (आईएएनएस)। चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट की 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (एसआईआर) प्रक्रिया के बाद जयपुर में पहली बड़ी चुनावी परीक्षा 11 सितंबर को होगी। इसमें 150 म्युनिसिपल वार्डों में 2,433,121 वोटर वोट डालने के लिए योग्य हैं। नई वोटर लिस्ट में लगभग 2.5 लाख वोटर जुड़े हैं, जिससे निकाय चुनावों से पहले चुनावी माहौल काफी बदल गया है।
 

जयपुर, 8 सितंबर (आईएएनएस)। चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट की 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (एसआईआर) प्रक्रिया के बाद जयपुर में पहली बड़ी चुनावी परीक्षा 11 सितंबर को होगी। इसमें 150 म्युनिसिपल वार्डों में 2,433,121 वोटर वोट डालने के लिए योग्य हैं। नई वोटर लिस्ट में लगभग 2.5 लाख वोटर जुड़े हैं, जिससे निकाय चुनावों से पहले चुनावी माहौल काफी बदल गया है।

प्रशासन का लक्ष्य 90 से 95 प्रतिशत वोटिंग का है। ऐसे में कड़े मुकाबले वाले वार्डों में ये आंकड़े बहुत अहम हो सकते हैं।

अगर 90 प्रतिशत वोटिंग होती है, तो जयपुर में लगभग 21.9 लाख वोट पड़ सकते हैं, जबकि 95 प्रतिशत वोटिंग होने पर यह आंकड़ा लगभग 23.1 लाख तक पहुंच सकता है।

वोटिंग प्रतिशत में पांच प्रतिशत की यह मामूली सी लगने वाली बढ़ोतरी लगभग 122,000 अतिरिक्त वोटों में बदल जाएगी। कई वार्डों में ये अतिरिक्त वोट जीत और हार के बीच का अंतर तय कर सकते हैं।

प्रशासन वोटरों की भागीदारी पर बारीकी से नजर रख रहा है, क्योंकि किसी एक वार्ड में वोटिंग प्रतिशत में 1-2 प्रतिशत का बदलाव भी चुनावी गणित को काफी बदल सकता है। वोटिंग प्रतिशत से यह भी पता चलेगा कि एसआईआर के बाद अपडेट की गई वोटर लिस्ट का जमीनी स्तर पर वोटरों की भागीदारी पर क्या असर पड़ा है।

इसलिए प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है: स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करना और साथ ही अधिकतम मतदाता भागीदारी को प्रोत्साहित करना।

मतदाताओं की पहचान और पात्रता संबंधी समस्याओं में सहायता के लिए मतदान केंद्रों पर बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) उपलब्ध रहेंगे।

इस चुनाव की एक और उल्लेखनीय विशेषता युवा मतदाताओं की बढ़ती उपस्थिति है। जयपुर के मतदाताओं में से लगभग 23 प्रतिशत जेनजी के हैं, जिससे पहली बार मतदान करने वाले और युवा मतदाताओं में कई वार्डों में चुनाव परिणाम को प्रभावित करने की क्षमता है।

इसके परिणामस्वरूप, राजनीतिक दल और उम्मीदवार मतदान दिवस के लिए समर्थकों को जुटाने में महिलाओं, युवा मतदाताओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

नगर निगम चुनाव में 150 वार्डों में 723 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। जबकि कई वार्डों में दो उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला है, कुछ में उम्मीदवारों की संख्या अधिक है। वार्ड 62 में उम्मीदवारों की संख्या सबसे अधिक है, जिसमें 13 उम्मीदवार मैदान में हैं।

मतदान का दिन नजदीक आने के साथ ही उम्मीदवार और राजनीतिक दल बूथ स्तर पर लोगों को जुटाने और अपने समर्थकों का मतदान सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने बताया कि स्थानीय निकाय चुनावों के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि अधिकतम भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार मतदाता जागरूकता अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं।

नायक ने वोटरों से अपील की कि वे 'लोकतंत्र के उत्सव' में पूरे जोश के साथ हिस्सा लें, समय पर अपने पोलिंग स्टेशन पहुंचें और बिना किसी डर के वोट डालें।

उन्होंने वोटरों से यह भी कहा कि वे अपने परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और अपने समुदाय के लोगों को वोट देने के लिए प्रोत्साहित करें।

एसआईआर के बाद वोटरों की संख्या बढ़ने, युवा वोटरों की बड़ी तादाद और 95 प्रतिशत तक वोटिंग का लक्ष्य होने की वजह से, जयपुर के सिविक चुनाव का नतीजा सिर्फ इस बात से तय नहीं होगा कि कौन कैंपेन जीतता है, बल्कि इस बात से भी तय होगा कि कौन वोटरों को पोलिंग बूथ तक लाने में कामयाब होता है।

--आईएएनएस

एमएस/