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जयपुर मेयर चुनाव: भाजपा के सुनील कोठारी और कांग्रेस की सुनीता महावर के बीच मुकाबला

जयपुर, 19 सितंबर (आईएएनएस)। जयपुर नगर निगम के मेयर पद के चुनाव के लिए राजनीतिक तस्वीर साफ हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सुनील कोठारी को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने सुनीता महावर को मैदान में उतारा है।
 

जयपुर, 19 सितंबर (आईएएनएस)। जयपुर नगर निगम के मेयर पद के चुनाव के लिए राजनीतिक तस्वीर साफ हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सुनील कोठारी को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने सुनीता महावर को मैदान में उतारा है।

भाजपा के उम्मीदवार सुनील कोठारी ने शनिवार को अपना नामांकन दाखिल किया। वह भाजपा के पूर्व जयपुर शहर अध्यक्ष रह चुके हैं और हाल ही में वार्ड-112 से पार्षद चुने गए हैं। वहीं, कांग्रेस ने वार्ड-118 की पार्षद सुनीता महावर को मेयर पद का उम्मीदवार बनाया है।

150 सदस्यीय जयपुर नगर निगम में भाजपा के 78 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के 57 और 15 निर्दलीय पार्षद हैं। ऐसे में निगम में भाजपा बहुमत की स्थिति में है।

सुनील कोठारी ने शनिवार दोपहर पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर नामांकन दाखिल किया। वह लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं और जयपुर शहर भाजपा अध्यक्ष सहित कई संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।

हालिया नगर निगम चुनाव में कोठारी ने वार्ड-112 से कांग्रेस उम्मीदवार आशीष शर्मा को 905 वोटों से हराया था। चुनावी हलफनामे के अनुसार उनकी चल और अचल संपत्ति की कुल कीमत करीब 35.87 करोड़ रुपये बताई गई है।

कांग्रेस उम्मीदवार सुनीता महावर लंबे समय से पार्टी से जुड़ी हुई हैं और जयपुर की नगर राजनीति में सक्रिय रही हैं। वह आदर्श नगर क्षेत्र से जुड़ी मानी जाती हैं और कांग्रेस विधायक रफीक खान के करीबी नेताओं में उनकी गिनती होती है।

कांग्रेस ने मेयर चुनाव से पहले अपने पार्षदों के अलावा अन्य पार्षदों का समर्थन जुटाने के संकेत भी दिए हैं। कांग्रेस विधायक रफीक खान ने दावा किया है कि कुछ भाजपा पार्षद उनके संपर्क में हैं, हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

17 सितंबर को हुए पुनर्मतदान के बाद कांग्रेस ने चारों वार्ड जीतकर अपनी संख्या 53 से बढ़ाकर 57 कर ली थी। इसके बावजूद भाजपा 78 पार्षदों के साथ निगम में बहुमत बनाए हुए है। हालांकि मेयर चुनाव में 15 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि मेयर का चुनाव निर्वाचित पार्षदों के मतदान से होगा।

राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार मेयर चुनाव 25 सितंबर को होगा। नामांकन 18 और 19 सितंबर को दाखिल किए गए हैं, 21 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 22 सितंबर नाम वापस लेने की अंतिम तिथि है। यदि मुकाबला बरकरार रहता है तो 25 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान कराया जाएगा।

--आईएएनएस

डीएससी