जैन समुदाय ने गांधीनगर में 'सम्राट संप्रति संग्रहालय' के उद्घाटन का स्वागत किया
गांधीनगर, 31 मार्च (आईएएनएस)। जैन समुदाय के सदस्यों और आचार्य श्री पद्मसागर सूरीश्वरजी महाराज के अनुयायियों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन पर अपनी खुशी व्यक्त की और महावीर जयंती के अवसर पर 'सम्राट संप्रति संग्रहालय' के उद्घाटन की सराहना की।
पश्चिम बंगाल के कोलकाता के रहने वाले सिद्धार्थ ने 'भारत विरासत महोत्सव' नाम के इस कार्यक्रम को 'विश्व स्तरीय काम' बताया।
उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "मैंने म्यूजियम की बस एक झलक देखी है। वह सचमुच बहुत शानदार था। हम चाहते हैं कि ऐसे विश्व स्तरीय संस्थान दूसरी जगहों पर भी बनाए जाएं। अगर आचार्य श्री पद्मसागर सूरीश्वरजी महाराज के जन्मस्थान पर भी ऐसा कुछ बनाया जाए, तो हम बहुत आभारी होंगे।"
कोलकाता के ही एक और निवासी, शशिकांत ने कहा, "पीएम मोदी ने जो किया है, वह भगवान महावीर के संदेश 'जियो और जीने दो' से जुड़ा हुआ है। हम खुशकिस्मत हैं कि हमारे प्रधानमंत्री भी जैन परंपराओं का पालन करते हैं। इससे लोगों को प्रेरणा मिलेगी।"
कार्यक्रम में आए एक और व्यक्ति, संदीप नवलखा ने आईएएनएस से कहा, "जिस तरह से पीएम मोदी और आचार्य श्री पद्मसागर सूरीश्वरजी महाराज ने हमारी जैन संस्कृति और विरासत को बढ़ावा दिया है, उस पर हमें सचमुच बहुत गर्व है। हम 'मुर्शिदाबाद हेरिटेज डेवलपमेंट सोसाइटी' चलाते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "महाराज का जन्मस्थान मुर्शिदाबाद में है। हमारी इच्छा है कि वहां भी ऐसा ही एक म्यूजियम बनाया जाए, भले ही वह छोटे रूप में हो, ताकि उनकी (महाराज की) विरासत का संग्रह सुरक्षित रहे और लोगों को जैन इतिहास के बारे में पता चल सके।"
पटना से आए एक व्यक्ति ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "आज 'सम्राट संप्रति म्यूजियम' देश को समर्पित किया गया है; इसे आने वाली पीढ़ियां हमेशा याद रखेंगी। भारत की विरासत की यात्रा में यह म्यूजियम एक अहम भूमिका निभाएगा।"
अहमदाबाद के रहने वाले राकेश ने भी म्यूजियम के उद्घाटन के बारे में आईएएनएस से बात की और कहा, "यह एक बहुत बड़ा कार्यक्रम है। मैं खुद कई सालों से इसकी लाइब्रेरी से जुड़ा हुआ हूं।"
उद्घाटन कार्यक्रम में आए एक और व्यक्ति ने पीएम मोदी के मार्गदर्शन की तारीफ की।
उन्होंने कहा, "आने वाली पीढ़ियों के लिए पीएम मोदी का मार्गदर्शन बहुत जरूरी है। यह पीएम मोदी की ही कोशिशों का नतीजा है कि लोग भारत और उसकी संस्कृति के बारे में जान पा रहे हैं। भारत में सभी धर्मों का मेल देखने को मिलता है। सभी धर्मों का लक्ष्य एक ही है: 'जियो और जीने दो'।"
उन्होंने यह भी कहा, "(आज के कार्यक्रम के बाद) युवाओं को भारत की संस्कृति के बारे में जानने का मौका मिलेगा।" जैन समुदाय के एक और सदस्य मुकेश इस कार्यक्रम की भव्यता के बारे में आईएएनएस से बात करते हुए भावुक हो गए।
उन्होंने कहा, "मैंने इतना बड़ा और ऐतिहासिक कार्यक्रम पहले कभी नहीं देखा। मैंने म्यूजियम भी देखा। मैंने देश में ऐसा म्यूजियम कहीं नहीं देखा। हम शुक्रगुजार हैं कि हमें आचार्य श्री पद्मसागर सूरीश्वरजी महाराज के साथ-साथ पीएम मोदी को भी देखने का मौका मिला।"
इस कार्यक्रम में शामिल होने के बाद, एक और निवासी प्रज्ञा ने आईएएनएस से कहा, "हम बहुत खुश हैं कि पीएम मोदी यहां आए। हमें एक अच्छा संदेश मिला।"
अहमदाबाद के एक निवासी ने भी पीएम मोदी के दौरे पर अपनी खुशी जाहिर की।
उन्होंने कहा, "पूरी दुनिया में युद्ध हो रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की वजह से भारत में शांति है। हम बेहद शुक्रगुजार हैं कि पीएम मोदी आज यहां आ रहे हैं।"
--आईएएनएस
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