आंध्र प्रदेश : जगन मोहन रेड्डी की स्थानीय निकाय चुनावों के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग
ताडेपल्ली, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने रविवार को राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष स्थानीय निकाय चुनाव सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की।
उन्होंने सत्ताधारी गठबंधन पर आरोप लगाया कि वे वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने के लिए आतंक का माहौल बना रहे हैं। उन्होंने राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) से हस्तक्षेप करने और नामांकन केंद्रों पर अपने कागजात दाखिल करने आ रहे उम्मीदवारों को सुरक्षा प्रदान करने का आग्रह किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के निर्देश पर एसईसी से लेकर पुलिस तक पूरी व्यवस्था नामांकन प्रक्रिया में बाधा डाल रही है, क्योंकि वे 'हार से डरी हुई है' है।
जगन मोहन रेड्डी ने राज्य चुनाव आयुक्त अनिल चंद्र पुनेथा से मुलाकात की और उनसे कहा कि अगर उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने की अनुमति नहीं दी जाती है, तो चुनाव आयोग और उसके अधिकारियों की साख दांव पर लग जाएगी।
उन्होंने कहा, "अगर राज्य चुनाव आयोग नामांकन में बाधा डालने जैसी अलोकतांत्रिक गतिविधियों में शामिल होता है, तो यह इतिहास की एक अभूतपूर्व घटना होगी। हमने एसईसी से आग्रह किया है कि वह ऐसी गतिविधियों का हिस्सा न बने।"
उन्होंने एसईसी से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया कि जो भी उम्मीदवार नामांकन दाखिल करना चाहता है, उसे ऑनलाइन सिस्टम के जरिए या अमरावती में एसईसी कार्यालय के किसी केंद्रीय स्थान पर ऐसा करने की अनुमति दी जाए।
उन्होंने कहा, "हमने आयोग से यह भी कहा है कि वह पुलिस सुरक्षा का इंतजाम करे, जिसमें संबंधित पुलिस अधीक्षक (एसपी) जिम्मेदारी लें, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उम्मीदवार बिना किसी बाधा के अपना नामांकन दाखिल कर सकें।"
जगन मोहन रेड्डी ने कहा, “हमने यह भी बताया कि अगर उम्मीदवारों को नामांकन के चरण में ही ऐसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि असल मतदान के समय उम्मीदवारों और मतदाताओं की क्या हालत होगी। इसलिए, यह बहुत जरूरी है कि केंद्रीय बलों को तैनात किया जाए और चुनाव अर्धसैनिक बलों की देखरेख में कराए जाएं। हमने एसईसी से अनुरोध किया कि वे दिल्ली में संबंधित अधिकारियों से एक बार फिर बात करे और उनकी तैनाती सुनिश्चित करने के लिए दबाव डाले।”
उन्होंने एसईसी को यह भी बताया कि वे राज्यपाल से मुलाकात करेंगे और उन्हें अर्धसैनिक बलों की तैनाती की मांग करने की जरूरत के बारे में समझाने की कोशिश करेंगे। जहां भी वाईएसआरसीपी उम्मीदवार नामांकन दाखिल करने जा रहे हैं, वहां नामांकन केंद्रों के परिसर में पहले से ही बड़ी संख्या में टीडीपी के गुंडे मौजूद हैं, और पुलिस उनकी इस मौजूदगी में मदद कर रही है।
उन्होंने कहा, "जब वे अंदर जाने की कोशिश करते हैं, तो उनके नामांकन पत्र छीनकर फाड़ दिए जाते हैं और उन्हें नामांकन दाखिल नहीं करने दिया जाता। यह सब ठीक उनके बगल में खड़ी पुलिस की मौजूदगी में होता है।"
उन्होंने कहा, "अत्याचार का स्तर अभूतपूर्व है। वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र छीने जा रहे हैं, उनके साथियों पर हमले हो रहे हैं, उन पर झूठे मामले लादे जा रहे हैं और अपहरण, आगजनी व डराने-धमकाने जैसी घटनाएं हो रही हैं और यह सब पुलिस की निगरानी में हो रहा है।"
उन्होंने कहा, "पुलिस टीडीपी के गुंडों को भीड़ के रूप में इकट्ठा होने दे रही है। वाईएसआरसीपी के कार्यकर्ताओं को नामांकन केंद्र के अंदर चार लोगों की अनुमति होने के बावजूद, वहां जाने नहीं दिया जा रहा है। जो लोग गलत कर रहे हैं, उन्हें आने वाले दिनों में इसके परिणाम भुगतने होंगे।"
--आईएएनएस
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