असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए आईटीआर फाइलिंग प्रोसेस शुरू हुआ, इनकम टैक्स ने जारी की एक्सेल यूटिलिटीज
नई दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने शुक्रवार को कहा कि ई-फाइलिंग पोर्टल पर वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के आईटीआर-1 और आईटीआर-4 फॉर्म के लिए एक्सेल यूटिलिटीज को जारी कर दिया गया है।
इससे आईटीआर फाइलिंग की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कहा कि करदाता आईटीआर-1 और आईटीआर-4 फॉर्म के लिए एक्सेल यूटिलिटीज और ऑनलाइन फाइलिंग ऑप्शंस अब एक्सेस कर सकते हैं।
इसके साथ ही ऑफलाइन यूटिलिटीज का भी ऐलान किया है। इससे करदाता ऑफलाइन फॉर्म को भर सकते हैं और जेएसओएन फाइल को जनरेट कर वेरिफिकेशन के बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के ई-फाइलिंग पोर्ट्ल पर अपलोड कर सकते हैं।
नॉन-ऑडिट करदाताओं के रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है।
वर्तमान में, आय की प्रकृति और करदाता श्रेणी के आधार पर सात अलग-अलग आईटीआर फॉर्म उपलब्ध हैं।
आईटीआर-1, जिसे सहज के नाम से जाना जाता है, उन निवासी व्यक्तियों के लिए है, जिनकी वार्षिक आय 50 लाख रुपए तक है।
आईटीआर-4, जिसे सुगम के नाम से जाना जाता है , उन निवासी व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) और एलएलपी को छोड़कर अन्य फर्मों पर लागू होता है जिनकी वार्षिक आय 50 लाख रुपए तक है।
इससे पहले, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने संशोधित डिस्क्लोजर नियमों के साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आईटीआर फॉर्म अधिसूचित किए थे। इन परिवर्तनों में दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ, शेयर बायबैक से होने वाली हानि और कुछ व्यापारिक लेन-देन से संबंधित अतिरिक्त रिपोर्टिंग आवश्यकताएं शामिल हैं।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह में स्थिर वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.12 प्रतिशत बढ़कर 23,40,406 करोड़ रुपए हो गया।
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