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'अगला चुनाव ‘माविगुन बनाम अमरावती’ पर लड़ा जाएगा', जगन मोहन रेड्डी का बयान

अमरावती, 1 जुलाई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने बुधवार को घोषणा की कि राज्य में अगला चुनाव 'माविगुन बनाम अमरावती' के मुद्दे पर लड़ा जाएगा।
 

अमरावती, 1 जुलाई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने बुधवार को घोषणा की कि राज्य में अगला चुनाव 'माविगुन बनाम अमरावती' के मुद्दे पर लड़ा जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वाईएसआरसीपी माविगुन के पक्ष में है और पार्टी इसे चुनावी मुद्दा बनाएगी तथा अपने घोषणापत्र में शामिल करेगी।

माविगुन, जगन मोहन रेड्डी द्वारा प्रस्तावित राज्य की राजधानी कॉरिडोर है, जिसमें मछलीपट्टनम, विजयवाड़ा और गुंटूर शामिल हैं।

उन्होंने कहा, ''अगला चुनाव माविगुन बनाम अमरावती के बीच होगा। हम माविगुन के साथ हैं। जो लोग माविगुन के पक्ष में हैं, वे वाईएसआरसीपी को वोट देंगे और जो अमरावती के पक्ष में हैं, वे चंद्रबाबू को वोट देंगे।''

जगन मोहन रेड्डी ने अमरावती को राज्य की राजधानी बनाने का विरोध करते हुए कहा कि उनके अनुसार अमरावती में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है।

उन्होंने कहा, ''अमरावती के नाम पर भारी भ्रष्टाचार हो रहा है और हम इसके पूरी तरह खिलाफ हैं। माविगुन इसका सही जवाब है। अमरावती के नाम पर ठेकेदारों को बहुत अधिक दरों पर भुगतान किया जा रहा है, जबकि माविगुन के पास प्राकृतिक फायदे और पहले से मौजूद बुनियादी ढांचा है।''

उन्होंने आरोप लगाया कि तेलुगु देशम पार्टी के नेता जाति और धर्म के मुद्दों को भड़का रहे हैं, जबकि चंद्रबाबू नायडू इस पर चुप हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर टीडीपी को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का सामाजिक दर्जा धर्म बदलने से नहीं बदलता और इस मुद्दे पर उनकी पार्टी ने पहले भी विधानसभा में अपना रुख रखा है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए और कहा कि सरकार राजनीतिक प्रतिशोध के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है।

उन्होंने कहा कि जो लोग सरकार पर सवाल उठाते हैं, उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हें जेल भेजा जा रहा है।

उन्होंने साईं कृष्णा की कथित हिरासत में मौत का भी जिक्र किया और कहा कि मामले को लंबे समय तक दबाने की कोशिश की गई।

उन्होंने किसान मुद्दों पर भी सरकार की आलोचना की और कहा कि किसान कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जबकि पहले की वाईएसआरसीपी सरकार की योजनाओं को खत्म किया जा रहा है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी