Aapka Rajasthan

सीएम सुवेंदु अधिकारी ने ‘विकसित बंगाल’ बनाने के लिए राजनीतिक एकता की अपील की

कोलकाता, 15 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को राजनीतिक दलों से पार्टीगत मतभेदों को भुलाकर राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
 

कोलकाता, 15 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को राजनीतिक दलों से पार्टीगत मतभेदों को भुलाकर राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।

सीएम अधिकारी मध्य कोलकाता के रेड रोड पर राज्य सरकार द्वारा आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम में बंगाल की ऐतिहासिक विरासत पर जोर दिया और जनता की उम्मीदों को पूरा करने के अपने संकल्प को दोहराया।

मुख्यमंत्री ने कहा, "बंगाल राष्ट्रवाद की भूमि है। यह ऋषि अरबिंदो, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, खुदीराम बोस, मातंगिनी हाजरा और बीना दास जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की धरती है, जिनका भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान अविस्मरणीय है। आइए हम सब मिलकर राजनीतिक संकीर्णता को छोड़ें और बंगाल के विकास के लिए एकजुट हों। 9 मई, 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में ब्रिगेड मैदान में मैंने जो शपथ ली थी, उस संकल्प का मैं हमेशा सम्मान करूंगा। उस शपथ का कभी अपमान नहीं होगा।"

मुख्यमंत्री ने 'विकसित बंगाल' के रास्ते 'विकसित भारत' का लक्ष्य हासिल करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को दोहराया।

उन्‍होंने कहा, "2047 में 'विकसित भारत' का सपना तभी पूरा होगा जब हम 'विकसित बंगाल' बनाएंगे। हमारा लक्ष्य पश्चिम बंगाल की खोई हुई शान को वापस लाना है। 20 जून, 1947 को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और प्रणवानंद महाराज ने संयुक्त रूप से इसकी स्थापना की थी और भारत में विलय को प्राथमिकता दी थी। मैं पश्चिम बंगाल के विकास को दक्षिण में सुंदरबन से लेकर उत्तर की पहाड़ियों तक फैलाना चाहता हूं। मेरा ध्यान रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण और राज्य की सुरक्षा पर है।"

इसी समय, उत्तर बंगाल के मिनी-सचिवालय सिलीगुड़ी के उत्तरकन्या में भी एक समानांतर समारोह आयोजित किया गया।

उत्तर बंगाल विकास मंत्री निशिथ प्रमाणिक ने कार्यक्रम स्थल पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके साथ ही बारह साल पुरानी परंपरा टूट गई, जिसके तहत पहले प्रशासनिक अधिकारी इस समारोह का नेतृत्व करते थे। प्रमाणिक ने पत्रकारों से कहा, "हालांकि उत्तरकन्या के निर्माण को लगभग 12 साल बीत चुके हैं, लेकिन इससे पहले किसी भी मंत्री ने यहां झंडा नहीं फहराया था। बुनियादी ढांचा तो तैयार हो गया था, लेकिन पिछली सरकार के दौरान उत्तर बंगाल के लोगों को उनके अधिकार नहीं दिए गए थे। पहले नौकरशाह झंडा फहराते थे। लेकिन बाकी चीजों की तरह, इस बार भी बदलाव हुआ है। पहली बार, उत्तरकन्या में किसी मंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया।"

--आईएएनएस

एएसएच/डीएससी