Aapka Rajasthan

देश और क्षेत्र के हित में है अमेरिका के साथ शांति समझौता: ईरानी राष्ट्रपति

तेहरान, 30 अगस्त (आईएएनएस)। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच हस्ताक्षरित शांति समझौता ज्ञापन (एमओयू) ईरान, पश्चिम एशिया और पूरी दुनिया के हित में है।
 

तेहरान, 30 अगस्त (आईएएनएस)। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच हस्ताक्षरित शांति समझौता ज्ञापन (एमओयू) ईरान, पश्चिम एशिया और पूरी दुनिया के हित में है।

ईरान की राजधानी तेहरान में आयोजित एक समारोह में उन्होंने कहा कि इस समझौते के लागू होने के बाद अमेरिका और इजरायल क्षेत्र में अराजकता, आक्रामकता और असुरक्षा पैदा नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के देशों को स्थिरता और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। यह जानकारी राष्ट्रपति कार्यालय की वेबसाइट पर जारी एक बयान में दी गई।

सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, पेजेश्कियन ने कहा कि मुस्लिम देशों के बीच एकता और सहयोग को बढ़ावा देकर 'दुश्मनों की साजिशों' को नाकाम करना जरूरी है।

उन्होंने कहा, "ईरान ने कभी किसी युद्ध की शुरुआत नहीं की है। हम युद्ध का स्वागत नहीं करते, लेकिन किसी भी हमलावर के खिलाफ मजबूती से खड़े रहेंगे। कोई भी ताकत ऐसे देश को झुकाने के लिए मजबूर नहीं कर सकती जो पूरी ताकत और इच्छाशक्ति के साथ खड़ा हो।"

इसी बीच, शनिवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में चेतावनी दी कि वैश्विक ऊर्जा बाजारों को निजी लाभ के लिए प्रभावित करने और ईरान के खिलाफ अमेरिका के युद्ध को लंबा खींचने के लिए 'बड़े स्तर पर' प्रयास किए जा रहे हैं।

एक अलग बयान में, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियों ने दक्षिण-पूर्वी सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में अमेरिका और इजरायल से जुड़े एक 'आतंकी' समूह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान समूह के एक सदस्य को मार गिराया गया, जबकि छह अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया।

गौरतलब है कि 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने मिलकर तेहरान और ईरान के अन्य शहरों पर हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों तथा संसाधनों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए। साथ ही, उसने होर्मुज स्‍ट्रेट पर अपनी निगरानी और नियंत्रण भी कड़ा कर दिया था।

इसके बाद 18 जून को अमेरिका और ईरान ने क्षेत्र में सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत दोनों देशों को 60 दिनों के भीतर बातचीत कर अंतिम समझौते तक पहुंचना था। यह अवधि 17 अगस्त को समाप्त हो गई।

हालांकि, पिछले महीने दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बाद इन वार्ताओं का भविष्य अभी भी स्पष्ट नहीं है और यह साफ नहीं है कि आगे बातचीत किस दिशा में जाएगी।

--आईएएनएस

एवाई/एएस