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दिल्ली में ईरानी दूतावास ने मिनाब स्कूल के मलबे से मिली ड्राइंग की प्रदर्शनी लगाई

नई दिल्ली, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। नई दिल्ली में ईरानी दूतावास में 'एंजल्स ऑफ मिनाब' नाम की एक प्रदर्शनी लगाई गई है। इस प्रदर्शनी में बच्चों की बनाई ड्रॉइंग दिखाई गई हैं। इसके अलावा, मिनाब में एलिमेंट्री स्कूल के मलबे से निकाली गई आर्टवर्क दिखाई गई। बता दें, 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के एयरस्ट्राइक के बाद यह स्कूल तबाह हो गया था।
 
दिल्ली में ईरानी दूतावास ने मिनाब स्कूल के मलबे से मिली ड्राइंग की प्रदर्शनी लगाई

नई दिल्ली, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। नई दिल्ली में ईरानी दूतावास में 'एंजल्स ऑफ मिनाब' नाम की एक प्रदर्शनी लगाई गई है। इस प्रदर्शनी में बच्चों की बनाई ड्रॉइंग दिखाई गई हैं। इसके अलावा, मिनाब में एलिमेंट्री स्कूल के मलबे से निकाली गई आर्टवर्क दिखाई गई। बता दें, 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के एयरस्ट्राइक के बाद यह स्कूल तबाह हो गया था।

स्कूल पर हमला अमेरिका-इजरायली सैन्य हमले के शुरुआती दौर में हुआ था, जिसमें 165 से ज्यादा बच्चों और स्टाफ सदस्यों की मौत हो गई थी।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका की टॉमहॉक मिसाइल ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स नेवल बेस के पास हमला किया था। बाद के अमेरिकी असेसमेंट्स ने अमेरिका की जिम्मेदारी मानी और इस घटना को जानबूझकर किए गए हमले के बजाय टारगेटिंग में चूक करार दिया।

इस प्रदर्शनी के जरिए, ईरानी दूतावास ने इस संघर्ष में इंसानी मूल्यों की ओर ध्यान खींचने की कोशिश की और बरामद ड्रॉइंग्स को एक ऐसी दुनिया की झलक के तौर पर पेश किया जो कभी मासूमियत और उम्मीद से भरी थी।

यह पहल ईरान के बड़े डिप्लोमैटिक मैसेज से भी मेल खाती है, खासकर इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ शांति वार्ता के फेल होने के बाद।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ईरानी दूतावास ने लिखा, "ये ड्रॉइंग हैं जो मिनाब में एक स्कूल के मलबे के नीचे से निकाली गई हैं। एक स्कूल जो अमेरिका और ज़ायोनी शासन के मिलिट्री हमले के बाद तबाह हो गया था।"

ईरानी दूतावास ने आगे कहा, "रेड क्रिसेंट रेस्क्यू टीम की कोशिशों से मिले पन्ने और उन्हें सिर्फ उतना ही ठीक किया गया है जितना वे देखे जा सकते हैं। उनमें दिखाई गई दुनिया अभी भी साधारण, ब्राइट और भरोसेमंद है। लेकिन बाहर की दुनिया वैसी नहीं रही। किसी भी युद्ध में बच्चों को शिकार नहीं बनना चाहिए; फिर भी हर युद्ध में, उनके खत्म होने के साथ कई दुनियाएं खत्म हो जाती हैं।"

इससे पहले शनिवार को, ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर मोहम्मद गालिबफ को इस्लामाबाद ले जा रहे विमान की तस्वीर सामने आई। इस तस्वीर में मिनाब स्कूल हमले में मारे गए बच्चों की तस्वीरें विमान की सीटों पर रखी गई थीं। इन तस्वीरों के साथ बच्चों के स्कूल बैग और गुलाब के फूल भी रखे गए थे। यह एक भावुक तस्वीर है जो उन बच्चों को श्रद्धांजलि दे रही है।

इस्लामाबाद जाने के दौरान गालिबफ ने इस तस्वीर के जरिए एक मैसेज दिया। एयरक्राफ्ट के अंदर, कई खाली सीटों पर मिनाब स्कूल स्ट्राइक के पीड़ितों की फोटो और निजी सामान रखे थे। ईरानी अधिकारी के अनुसार, ये बच्चे अमेरिका-इजरायली हमले में मारे गए थे।

एक्स पर तस्वीर साझा करते हुए गालिबफ ने लिखा, "मिनाब 168, इस विमान में मेरे साथी।" उन्होंने 28 फरवरी, 2026 को मिनाब के एक एलिमेंट्री स्कूल पर हुए स्ट्राइक में अपनी जान गंवाने वाले बच्चों और स्टाफ के इस सफर के लिए अपना साथी बताया।

इस घटना में कथित तौर पर कम से कम 165 मौतें हुईं और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए। वहीं पाकिस्तान में उच्च स्तरीय बातचीत से पहले ईरान ने अपने पक्ष को मजबूत करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मैसेज दिया है।

--आईएएनएस

केके/एएस