ईरान पर हमला क्यों था जरूरी? इजरायली पीएम बोले, अभी न करते तो फिर मुश्किल हो जाता
वॉशिंगटन, 3 मार्च (आईएएनएस)। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान जानबूझकर आम लोगों को निशाना बना रहा है, जबकि इजरायल और अमेरिका बड़े पैमाने पर आतंकवादियों पर फोकस रख रहे हैं। उन्होंने ईरान के खिलाफ हाल ही में की गई सैन्य कार्रवाई का बचाव किया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दृढ़ संकल्पित होने की सराहना की।
बेंजामिन नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज पर दिए एक इंटरव्यू में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बैलिस्टिक मिसाइल एक ट्रक की तरह होती है, मानो टीएनटी से भरी बस हो, जो मैक 8 की रफ्तार से आकर गिरती है। ऐसे हमले में नौ लोग मारे गए।”
नेतन्याहू ने कहा, “यही तेहरान और हमारे बीच फर्क है। तेहरान के सामूहिक हत्यारे नागरिकों को निशाना बनाते हैं, जबकि इजरायल और अमेरिका आतंकियों को निशाना बनाते हैं।”
उन्होंने कहा, “यही मूल अंतर है और हमें अपनी दुनिया को इन लोगों से बचाना होगा।” नेतन्याहू के अनुसार, हालिया सैन्य कार्रवाई इसलिए जरूरी थी क्योंकि ईरान ने उसके परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों पर हमलों के बावजूद अपनी सैन्य क्षमताओं को आगे बढ़ाना जारी रखा। जब हमने उनके परमाणु ठिकानों और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर प्रहार किया, तो लगा कि वे सबक सीखेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वे सुधार से परे हैं और अमेरिका को नष्ट करने के लक्ष्य को लेकर कट्टर हैं।”
नेतन्याहू ने दावा किया कि ईरान ने नए भूमिगत ठिकाने बनाने शुरू कर दिए थे, जो उसके मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को भविष्य की सैन्य कार्रवाई से सुरक्षित बना सकते थे।
नेतन्याहू ने कहा कि ईरान पर अभी कार्रवाई नहीं करते तो भविष्य में कोई कदम उठाना संभव नहीं होता। फिर ईरान अमेरिका को निशाना सकता था, उसे ब्लैकमेल कर सकता था और हमें तथा अन्य देशों को धमका सकता था।”
उन्होंने कहा, "इसलिए कार्रवाई करनी ही थी और उसे करने के लिए आपको डोनाल्ड ट्रंप जैसे पक्के इरादे वाले राष्ट्रपति की जरूरत थी और हम उनके बहुत मजबूत और काबिल साझेदार हैं।"
नेतन्याहू ने कहा, हमारा गठबंधन आज बेहद मजबूत है। हमें अभी कार्रवाई करनी थी और हमने की। अन्यथा ईरान की हत्यारी सरकार भविष्य की किसी भी कार्रवाई से सुरक्षित हो जाती।”
--आईएएनएस
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