ईरान का दावा, दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के ऊपर अमेरिकी ड्रोन मार गिराया
तेहरान, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। ईरान की सेना ने रविवार को दावा किया कि उसकी वायु रक्षा इकाइयों ने दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के ऊपर एक अमेरिकी ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया। ईरानी सेना ने अपनी वेबसाइट पर जारी बयान में कहा कि उसके वायु रक्षा तंत्र ने ड्रोन को मार गिराया। सेना के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में ईरान द्वारा रोका गया यह 54वां अमेरिकी ड्रोन है।
इससे पहले, इसी सप्ताह ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया था कि उसकी वायु रक्षा इकाइयों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर एक अमेरिकी एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया। शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने यह जानकारी दी।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि तेहरान वाशिंगटन के साथ किसी समझौते पर नहीं पहुंचता है, तो अमेरिकी सेना ईरान पर एक बार फिर सैन्य हमले कर सकती है। उनके बयान से संकेत मिलता है कि ईरान को निर्णायक रूप से हराने के दावे के बावजूद अमेरिका सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला रखे हुए है।
ट्रंप ने शुक्रवार को फ्लोरिडा के फोर्ट मायर्स में रिपब्लिकन पार्टी की एक चुनावी रैली में समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, "हम एक और छोटा 'एपिक फ्यूरी' अभियान चला सकते हैं, या वे समझौते के लिए तैयार हो सकते हैं। अगर वे समझदार हैं, तो वे कहेंगे कि आइए, काम की बात करते हैं।" उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति सैन्य अभियान को सफल बताते हुए तेहरान पर ऐसा समझौता स्वीकार करने का दबाव बनाए रखना चाहते हैं, जिससे ईरान परमाणु हथियार विकसित न कर सके। हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि सैन्य कार्रवाई के एक और दौर को रोकने के लिए ईरान को किन शर्तों को पूरा करना होगा।
उन्होंने कहा, "हमने उन्हें सैन्य, आर्थिक और अन्य सभी मोर्चों पर हरा दिया है और अब हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि यह काम पूरा हो जाए।"
इस बीच, अमेरिका के एक शीर्ष खुफिया अधिकारी ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो को चेतावनी दी है कि ईरान ने अमेरिकी अधिकारियों को निशाना बनाने के अपने प्रयास काफी तेज कर दिए हैं। अधिकारी के अनुसार, कुछ घातक साजिशें अब उन्नत चरण में पहुंच गई हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब वाशिंगटन सऊदी अरब से अपने राजनयिकों को वापस बुला रहा है और क्षेत्र के कई अन्य देशों में स्थित अमेरिकी दूतावासों में कर्मचारियों की संख्या कम कर रहा है।
--आईएएनएस
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