ईरान ने ब्रिटेन के दावे को किया खारिज, कहा, 'आरएएफ फेयरफोर्ड से उसका कोई लेना-देना नहीं'
तेहरान, 1 अक्टूबर (आईएएनएस) । ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने गुरुवार को ब्रिटिश सरकार के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि दक्षिण-पश्चिम इंग्लैंड में अमेरिकी वायु सेना के बेस, रॉयल एयर फोर्स (आरएएफ) फेयरफोर्ड के पास हाल ही में घटी संदिग्ध गतिविधि में ईरान की "भूमिका" रही है।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को ब्रिटिश पुलिस ने एयर बेस के पास ग्लूसेस्टरशायर के ग्रामीण इलाके में 20-29 साल की उम्र के पांच संदिग्धों को "विस्फोटक और आतंकवाद से जुड़े अपराध" के शक में हिरासत में लिया था। उन्हें सूचना मिली थी कि तीन वैन बेस की ओर जा रही थीं।
अराघची ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इन आरोपों का खंडन किया। इससे एक दिन पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने बीबीसी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, "इस बात के पुख्ता संकेत हैं कि आरएएफ फेयरफोर्ड में सप्ताहांत पर जो हुआ, उसमें ईरान की भूमिका थी, लेकिन बेशक यह अभी भी एक जटिल और गहन जांच का विषय है।"
सोमवार को, वैन में मिली चीजों की जांच और लंदन में उनसे जुड़े पतों की पड़ताल के बाद उन पांचों लोगों को पुलिस जमानत पर रिहा कर दिया गया।
अरागची ने कहा, "पीएम बर्नहम का कहना है कि यूके सरकार 'इस बात की पुष्टि कर सकती है कि हमारा मानना है कि आरएएफ फेयरफोर्ड की घटना में ईरान की भूमिका थी।" उन्होंने आगे कहा, "मैं ईरान के इस विचार की पुष्टि कर सकता हूं कि विदेशी देशों के लिए काम करने वाले तथाकथित आतंकवादियों को रिहा करना ही सब कुछ बयां करता है। आप गलत दिशा में प्रयास कर रहे हैं।"
संदिग्धों को जमानत देने के ब्रिटेन के फैसले की अमेरिकी प्रशासन, जिनमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शामिल थे, ने आलोचना की। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि वे इस कदम से "परेशान" थे।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका बहुत जल्द ईरान से जीत जाएगा। उन्होंने दावा किया कि तेहरान की सैन्य क्षमताएं कमजोर हो गई हैं और वाशिंगटन ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज पर "लगभग पूर्ण नियंत्रण" स्थापित कर लिया है।
ट्रंप ने ये बातें बुधवार (स्थानीय समय) को व्हाइट हाउस में 'नेशनल हिस्पैनिक हेरिटेज मंथ' के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहीं। वहां उन्होंने समारोह के मुख्य विषय पर बात करने से पहले इराक, ईरान और वेनेजुएला सहित विदेश नीति के कई मुद्दों पर चर्चा की।
--आईएएनएस
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