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ईरान ने होर्मुज को फिर से खोलने और लड़ाई खत्म करने के लिए अमेरिका को दिया नया प्रस्ताव

वाशिंगटन, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान ने अमेरिका को होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और युद्ध खत्म करने का एक नया प्रस्ताव दिया है। हालांकि इस नए प्रस्ताव में परमाणु मुद्दे का कोई जिक्र नहीं हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक इस मुद्दे को बातचीत को अगले चरण के लिए टाल दिया गया है। इस रिपोर्ट में एक अमेरिकी अधिकारी और मामले से जुड़े दो सूत्रों का हवाला दिया गया है।
 
ईरान ने होर्मुज को फिर से खोलने और लड़ाई खत्म करने के लिए अमेरिका को दिया नया प्रस्ताव

वाशिंगटन, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान ने अमेरिका को होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और युद्ध खत्म करने का एक नया प्रस्ताव दिया है। हालांकि इस नए प्रस्ताव में परमाणु मुद्दे का कोई जिक्र नहीं हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक इस मुद्दे को बातचीत को अगले चरण के लिए टाल दिया गया है। इस रिपोर्ट में एक अमेरिकी अधिकारी और मामले से जुड़े दो सूत्रों का हवाला दिया गया है।

अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस के मुताबिक, इस प्रस्ताव का मकसद बातचीत में मौजूदा रुकावट को खत्म करना और ईरानी नेतृत्व के अंदर न्यूक्लियर रियायतों के दायरे को लेकर चल रही असहमति को बाईपास करना है।

रिपोर्ट में कहा गया है, "यदि ब्लॉकेड को हटाया जाता है और हमले पूरी तरह से खत्म हो जाते हैं तो यूरेनियम संवर्धन के स्टॉक को हटाने और भविष्य में संवर्धन रोकने को लेकर ईरान के साथ किसी भी बातचीत में राष्ट्रपति ट्रंप का असर खत्म हो जाएगा। ट्रंप का ईरान पर हमला करने का यही मकसद रहा है।"

इस बीच, तीन अमेरिकी अधिकारियों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति सोमवार को अपनी शीर्ष राष्ट्रीय और विदेश नीति टीम के साथ लड़ाई पर सिचुएशन रूम मीटिंग कर सकते हैं।

सूत्रों ने एक्सियोस को बताया कि ट्रंप की टीम बातचीत में रुकावट और अगले संभावित कदमों पर चर्चा करेगी।

रविवार को फॉक्स न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में ट्रंप ने संकेत दिया था कि वह ईरान के तेल एक्सपोर्ट को रोकने के लिए नेवल ब्लॉकेड जारी रखना चाहते हैं, जिसका मकसद आने वाले समय में तेहरान को हार मानने पर मजबूर करना है।

ट्रंप के फॉक्स न्यूज के साथ इंटरव्यू के हवाले से कहा गया, "जब आपके सिस्टम से बहुत ज्यादा तेल बह रहा हो और अगर किसी वजह से सप्लाई लाइन बंद हो जाती है और तेल को कंटेनरों या जहाजों में नहीं भरा जा सकता तो ज्यादा दबाव के कारण पाइपलाइन अंदर से फट सकती हैं। ऐसी स्थिति बनने में केवल तीन दिन लग सकते हैं।"

--आईएएनएस

केके/वीसी