‘हमने शुरुआत से ही आक्रामक सोच दिखाई’, लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचने पर बोले आरसीबी के कप्तान पाटीदार
धर्मशाला, 27 मई (आईएएनएस)। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार ने इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के क्वालिफायर 1 में गुजरात टाइटंस पर 92 रन की बड़ी जीत के बाद अपनी टीम की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि टीम ने पूरे मैच में बेखौफ और आक्रामक क्रिकेट खेला, जिसकी वजह से आरसीबी लगातार दूसरी बार आईपीएल फाइनल में पहुंचने में सफल रही।
‘हमने शुरुआत से ही आक्रामक सोच दिखाई’, लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचे के बाद बोले आरसीबी के कप्तान पाटीदार
धर्मशाला, 27 मई (आईएएनएस)। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार ने इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के क्वालिफ़ायर 1 में गुजरात टाइटंस पर 92 रन की बड़ी जीत के बाद अपनी टीम की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि टीम ने पूरे मैच में बेखौफ और आक्रामक क्रिकेट खेला, जिसकी वजह से आरसीबी लगातार दूसरी बार आईपीएल फाइनल में पहुंचने में सफल रही।
आरसीबी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर रिकॉर्ड 254 रन बनाए। इसके जवाब में गुजरात टाइटंस की टीम सिर्फ 162 रन पर सिमट गई। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में पाटीदार ने कप्तानी पारी खेलते हुए सिर्फ 39 गेंदों में नाबाद 93 रन ठोक दिए।
मैच के बाद पाटीदार ने कहा कि टीम शुरू से ही सकारात्मक सोच के साथ मैदान पर उतरी थी और बल्लेबाजों ने गुजरात के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।
उन्होंने कहा, “यह हमारे लिए शानदार मैच रहा। खासकर बल्लेबाजों ने जिस तरह से दबदबा बनाया और हर खिलाड़ी ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की, वह टीम के लिए बहुत अच्छा था। टीम किसी एक खास योजना के साथ नहीं उतरी थी, लेकिन सभी खिलाड़ी चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार थे। जरूरी यह था कि हमारे हावभाव और खेलने के तरीके से सामने वाली टीम को लगे कि हम उन पर हावी होने के लिए आए हैं। हर बल्लेबाज में वही आत्मविश्वास और इरादा दिखा।”
आरसीबी ने शुरुआत से ही तेज बल्लेबाजी की। वेंकटेश अय्यर, विराट कोहली और देवदत्त पडिक्कल ने तेज़ी से रन बनाए, जिसके बाद पाटीदार और क्रुणाल पांड्या ने बीच के ओवरों में पूरी तरह से मैच पर अपना नियंत्रण बना लिया।
आरसीबी कप्तान ने बताया कि मैच से पहले टीम मीटिंग में खास तौर पर आक्रामक मानसिकता बनाए रखने पर जोर दिया गया था।
उन्होंने कहा, “हमने मीटिंग में बात की थी कि बड़े मुकाबले में मजबूत बॉडी लैंग्वेज और अटैकिंग माइंडसेट जरूरी होगा। यह क्वालिफायर-1 जैसा बड़ा मैच था और जिस तरह हमने खेल पर नियंत्रण रखा, वह शानदार रहा।”
अपनी बल्लेबाजी को लेकर पाटीदार ने कहा कि वह शुरुआत में कुछ गेंदें खेलकर पिच को समझने की कोशिश करते हैं और फिर खुलकर शॉट खेलते हैं। उन्होंने कहा, “मैं आमतौर पर शुरुआत की 8-10 गेंदों में पिच और गेंद की स्थिति को समझता हूं। उसके बाद मुझे साफ हो जाता है कि आगे कैसे बल्लेबाजी करनी है। मैं हमेशा गेंदबाज पर दबाव बनाना पसंद करता हूं और पिच की ज्यादा चिंता नहीं करता।”
पाटीदार ने टीम के गेंदबाजों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि गेंदबाजों ने अपनी योजनाओं को पूरी तरह सही तरीके से लागू किया। गुजरात की टीम ने पावरप्ले में ही पांच विकेट गंवा दिए थे और इसके बाद वापसी नहीं कर सकी। उन्होंने कहा, “सच कहूं तो विकेट लगातार लंबे छक्के लगाने के लिए आसान नहीं था, क्योंकि उछाल अच्छा था। हमारे गेंदबाजों ने स्टंप लाइन पर शानदार गेंदबाजी की, जिसका फायदा मिला।”
आरसीबी की रणनीति गुजरात के टॉप ऑर्डर को जल्दी आउट करने की थी, क्योंकि इस सीजन में साई सुदर्शन, शुभमन गिल और जोस बटलर ज़बरदस्त फ़ॉर्म में थे।
पाटीदार ने कहा, “हमें पता था कि गुजरात की सबसे बड़ी ताकत उनके टॉप-3 बल्लेबाज हैं। इसलिए हमारी योजना थी कि पावरप्ले में ही उन्हें आउट किया जाए और खुशी की बात है कि हमारी रणनीति सफल रही।”
अंत में उन्होंने कहा, “अब जरूरी है कि टीम अच्छी तरह रिकवर करे और फिर फाइनल के लिए पूरी तैयारी के साथ उतरे।”
--आईएएनएस
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