अहमदाबाद में फुटपाथ से नवजात का अपहरण, पुलिस ने महिला समेत तीन आरोपियों को दबोचा
अहमदाबाद, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। अहमदाबाद पुलिस ने न्यू रानीप इलाके से एक महीने सात दिन के बच्चे के अपहरण के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक 21 साल की महिला और उत्तर प्रदेश का एक व्यक्ति शामिल है। जांच करने वाले अधिकारी मानव तस्करी और आपराधिक साजिश के पहलुओं की भी जांच कर रहे हैं।
आरोप है कि 2 अक्टूबर को तड़के करीब 3:15 बजे बच्चे का अपहरण कर लिया गया, जब वह न्यू रानीप में अहवाडिया झील के पास फुटपाथ पर अपने मजदूर माता-पिता के साथ सो रहा था।
आरोप है कि 2 अक्टूबर को तड़के करीब 3:15 बजे बच्चे का अपहरण न्यू रानीप में अहवाडिया झील के पास फुटपाथ पर अपने मजदूर माता-पिता के साथ सोते समय किया गया था। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2) के तहत साबरमती पुलिस स्टेशन में एक मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने कहा कि जांच में सामने आई बातों के आधार पर मानव तस्करी और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी जा रही हैं।
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की टीमों ने शिकायत मिलने के बाद साबरमती पुलिस की सर्विलांस टीम और जोन-2 व जोन-3 की लोकल क्राइम ब्रांच (एलसीबी) यूनिट्स के साथ मिलकर बच्चे और इसमें शामिल संदिग्ध लोगों की सघन तलाश शुरू की।
जांचकर्ताओं ने सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया, तकनीकी सर्विलांस और ह्यूमन इंटेलिजेंस इनपुट का इस्तेमाल किया, और आरोपियों को बच्चे के साथ शहर से बाहर जाने से रोकने के लिए रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों और एयरपोर्ट पर निगरानी रखी।
सीसीटीवी फुटेज और इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर पुलिस ने अपहरणकर्ता की पहचान रानीप निवासी 21 वर्षीय जिनाल परमार के तौर पर की। उसे साबरमती रेलवे स्टेशन के पास पकड़ा गया और बाद में स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया। उसे अदालत में पेश किया जाना था।
पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि उत्तर प्रदेश के दो नाबालिगों ने जिनाल की मदद की थी। क्राइम ब्रांच ने उसके मोबाइल फोन पर मिली तस्वीरों के जरिए उनका पता लगाया और उत्तर प्रदेश जाने से पहले ही उन्हें बस और रेलवे स्टेशनों से पकड़ लिया। बाद में उन्हें साबरमती पुलिस को सौंप दिया गया।
पुलिस ने बताया कि बच्चे के अपहरण से पहले जिनाल ने न्यू रानीप इलाके और सोला सिविल अस्पताल के आस-पास रेकी की थी। जांच करने वालों के मुताबिक, बाद में उसने बच्चे को उस जगह से अगवा कर लिया जहां वह अहवाडिया झील के पास अपने माता-पिता के साथ सो रहा था।
पुलिस ने बताया कि महिला को वह बच्चा किसी और व्यक्ति को सौंपना था। हालांकि, पुलिस की कड़ी चेकिंग और निगरानी की वजह से घबराकर, उसने बच्चे को न्यू रानीप इलाके में छोड़ दिया और भागने की कोशिश की। बाद में बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
जांच के दौरान, पुलिस ने बदायूं के रहने वाले भावेश्वर उर्फ भानु जाटव को भी गिरफ्तार किया, जो उत्तर प्रदेश के नोएडा में रह रहा था।
पुलिस के मुताबिक, उसने जिनाल को किसी दूसरे व्यक्ति के लिए एक साल से कम उम्र के बच्चे का इंतजाम करने के बदले 6 लाख रुपए देने का प्रस्ताव दिया था।
जांचकर्ताओं को पता चला कि इस बड़ी साजिश में शामिल अन्य लोग उत्तर प्रदेश में हैं, जिसके बाद क्राइम ब्रांच की एक टीम को वहां भेजा गया है।
पुलिस भावेश्वर उर्फ भानु और दूसरे आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि कथित मुख्य साजिशकर्ता की भूमिका का पता लगाया जा सके और यह तय किया जा सके कि बच्चे के अवैध ट्रांसफर की कोशिश में और लोग भी शामिल थे या नहीं।
--आईएएनएस
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