2047 के भारत निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम, उद्योग-शिक्षा की खाई पाटने की जरूरत: गुजरात सीएम
गांधीनगर, 3 नवंबर (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बाजार की बदलती मांगों के लिए युवाओं को तैयार करने हेतु शिक्षा संस्थानों और उद्योगों के बीच घनिष्ठ समन्वय का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि 2047 तक राज्य की प्रतिस्पर्धात्मकता युवाओं को दी जाने वाली गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल पर निर्भर करेगी।
सीएम भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को अहमदाबाद में आयोजित एक दिवसीय सम्मेलन 'विकसित गुजरात 2047: भविष्य के कार्यबल की तैयारी के लिए उच्च शिक्षा' के समापन सत्र को संबोधित किया। पटेल ने कहा कि कुशल प्रतिभाओं का विकास और युवाओं की रोजगार क्षमता को मजबूत करना राज्य के 'विकसित गुजरात 2047' रोडमैप का केंद्रबिंदु होना चाहिए, जो राष्ट्रीय विजन 'विकसित भारत 2047' के अनुरूप है।
यह सम्मेलन गुजरात स्टेट इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन (जीआरआईटी) द्वारा राज्य सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया था।
इस पहल को 'समयोचित' बताते हुए पटेल ने कहा कि युवाओं को सशक्त बनाने के लिए भविष्योन्मुखी शिक्षा और तैयारी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के रोडमैप को खुले दृष्टिकोण के साथ लागू किया जाना चाहिए, जिसमें सभी हितधारकों के सुझावों और सहयोग को ध्यान में रखा जाए ताकि परिणामोन्मुखी परिणाम सुनिश्चित हो सकें।
उन्होंने कहा कि सरकार इस रोडमैप को लागू करने में लचीली है और हितधारकों के बहुमूल्य सुझावों के आधार पर उपयुक्त दृष्टिकोण अपनाने के लिए तत्पर है।
पटेल ने कहा कि आज के युवा 2047 तक विकसित गुजरात और विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए आवश्यक कार्यबल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे। उन्होंने कहा कि बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप प्रासंगिक शिक्षा और कौशल के माध्यम से उनका विकास आने वाले वर्षों में गुजरात की प्रतिस्पर्धात्मकता निर्धारित करेगा।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि प्रगति की समीक्षा करने और राज्य के विकास रोडमैप को स्पष्ट दिशा प्रदान करने के लिए हर तीन या छह महीने में इसी तरह के सेमिनार और चर्चाओं का आयोजन किया जाए।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन में हुई चर्चाओं के परिणाम 2047 के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में प्रयासों को आगे बढ़ाने में सहायक होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की प्रगति का जिक्र करते हुए पटेल ने कहा कि देश एक शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में उभरा है और वैश्विक मंच पर तेजी से प्रगति कर रहा है।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री त्रिकम छंगा ने सभी शैक्षणिक विषयों में डिजिटल साक्षरता और प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि छात्रों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा विश्लेषण, सेमीकंडक्टर निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वचालन जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने में सक्षम होना चाहिए, चाहे उनका अध्ययन क्षेत्र कोई भी हो।
छंगा ने कहा कि विश्वविद्यालयों को 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020' के बहुविषयक और अनुभवात्मक शिक्षण दृष्टिकोण के अनुरूप उद्योगों के सहयोग से नियमित रूप से अपने पाठ्यक्रम में संशोधन करना चाहिए।
उन्होंने छात्रों के व्यावहारिक अनुभव और रोजगार क्षमता में सुधार के लिए इंटर्नशिप और अनुसंधान पर अधिक जोर देने का भी आह्वान किया।
--आईएएनएस
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