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भारत एक क्षेत्र तक सीमित नहीं, इस देश का प्रभाव दूर-दूर तक : बेल्जियम के प्रधानमंत्री

नई दिल्ली, 3 सितंबर (आईएएनएस)। भारत के बढ़ते वैश्विक महत्व को रेखांकित करते हुए बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने गुरुवार को कहा कि भारत न केवल दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में बल्कि तेजी सी बढ़ती अर्थव्यवस्था, एक तकनीकी और आर्थिक महाशक्ति के साथ ही एक प्रभावशाली भू-राजनीतिक राष्ट्र के रूप में भी उभरा है, जिसकी आवाज इस क्षेत्र से कहीं आगे तक सुनी जाती है यानी जिसका प्रभाव असीमित है।
 

नई दिल्ली, 3 सितंबर (आईएएनएस)। भारत के बढ़ते वैश्विक महत्व को रेखांकित करते हुए बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने गुरुवार को कहा कि भारत न केवल दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में बल्कि तेजी सी बढ़ती अर्थव्यवस्था, एक तकनीकी और आर्थिक महाशक्ति के साथ ही एक प्रभावशाली भू-राजनीतिक राष्ट्र के रूप में भी उभरा है, जिसकी आवाज इस क्षेत्र से कहीं आगे तक सुनी जाती है यानी जिसका प्रभाव असीमित है।

नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, वेवर ने कहा कि भारत का 'लंबे अंतराल' के बाद उनका दौरा (जो 20 वर्षों में किसी बेल्जियम के प्रधानमंत्री का पहला दौरा) "काफी अहम" था।

उन्होंने भारत में हुए बड़े बदलावों की भी सराहना की, खासकर इन वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के कारण आए बदलाव की।

वेवर ने कहा, "मैं प्रधानमंत्री मोदी को उनके गर्मजोशी भरे स्वागत, मेहमाननवाजी और हमारे बीच खुलकर हुई द्विपक्षीय बातचीत के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। प्रधानमंत्री ने जैसा कहा, कि एंटवर्प के एक नागरिक के तौर पर आखिरकार भारत आना मेरे लिए सचमुच व्यक्तिगत खुशी की बात है। लेकिन 20 वर्षों में बेल्जियम के पहले प्रधानमंत्री के तौर पर यहां आना भी खास तौर पर अहम है, और यह बहुत लंबा समय है। यह बहुत लंबा समय है। इन 20 वर्षों में भारत में बहुत बदलाव आया है, और निश्चित रूप से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के दौर में ही ये हुआ है।"

उन्होंने आगे कहा, "आज, भारत न केवल दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, बल्कि तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था भी है। ये एक आर्थिक और तकनीकी पावरहाउस और एक प्रमुख भू-राजनीतिक कारक बन गई है, जिसकी आवाज इस क्षेत्र से कहीं आगे तक सुनी जाती है। भारत का बढ़ता रुतबा बेल्जियम के लिए भी अहम है और यही भारत को एक अहम साझेदार बनाता है, और मेरा मानना ​​है कि बदले में मेरा देश भी भारत को बहुत कुछ दे सकता है। हम आकार में थोड़े छोटे हैं, बस थोड़े से, लेकिन हम दुनिया की सबसे खुली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक हैं। व्यापार और वैश्विक बाजारों तक पहुंच के आधार पर ही हम समृद्ध हुए हैं।"

बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने 26 अगस्त को नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों के प्रति भी गहरी संवेदना व्यक्त की।

प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी बातचीत का एक अहम हिस्सा सिक्योरिटी भी थी। उन्होंने कहा कि बेल्जियम दोनों देशों की सशस्त्र सेनाओं और रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग को गहरा करना चाहता है इसलिए उसके रक्षा और विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रैंकन प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां आए हैं।

बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने कहा, "अभी हमने जिस 'लेटर ऑफ इंटेंट' का आदान-प्रदान देखा है, वह उस सहयोग को एक नया ढांचा देता है—सरकार से-सरकार के संपर्क और सैन्य आदान-प्रदान से लेकर रिसर्च, इनोवेशन, को-डेवलपमेंट और उम्मीद है कि को-प्रोडक्शन तक।"

ईयू-भारत फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के सफल समापन को एक "बड़ी उपलब्धि" बताते हुए, वेवर ने कहा कि बेल्जियम में इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर करना 2026 का एक शानदार समापन होगा।

उन्होंने कहा, "बेल्जियम की तरफ से हम यह पक्का करना चाहते हैं कि इस समझौते से हमारे नागरिकों के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और असल नतीजे मिलेंगे। इस तरह का संतुलित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट मार्केट तक पहुंच बेहतर बना सकता है, निवेश को बढ़ावा दे सकता है और कंपनियों को भरोसे के साथ लंबे समय तक निवेश करने के लिए स्पष्ट नियम दे सकता है। लगभग बीस साल की बातचीत के बाद, भारत और यूरोप ने अपनी अर्थव्यवस्थाओं को करीब लाने का फैसला किया है, ऐसे समय में जब दुनिया के बाकी हिस्सों में आर्थिक बंटवारा बढ़ रहा है। यह दुनिया के लिए एक अहम संकेत है।"

अपनी बात पर विराम लगाते हुए, बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने कहा कि वे दिसंबर में पीएम मोदी का ब्रसेल्स में स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने ईयू-भारत फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने के लिए भारतीय नेतृत्व की आधिकारिक यात्रा की मेजबानी करने को "बहुत सम्मान" का विषय बताया।

वेवर ने कहा, "आपकी यात्रा हमारी बातचीत को आगे बढ़ाने का एक शानदार मौका देगी। भारत और बेल्जियम का साझा इतिहास सदियों पुराना है। आज हमने दिखाया है कि हमारा भविष्य भी साझा है। मैं नई दिल्ली इसलिए आया क्योंकि मेरा मानना ​​है कि हमारे रिश्ते का सबसे अच्छा दौर अभी आना बाकी है। और आज हमारी बातचीत के बाद, मुझे इस बात का और भी यकीन हो गया है।"

--आईएएनएस

केआर/