अमरावती में भारत की पहली क्वांटम रेफरेंस सुविधा का किया गया अनावरण, सीएम ने पीएम का जताया आभार
अमरावती, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। अमरावती में मंगलवार को भारत की पहली क्वांटम रेफरेंस सुविधाओं का उद्घाटन किया गया, जिससे क्वांटम तकनीक के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। यह उद्घाटन वर्ल्ड क्वांटम डे के मौके पर किया गया।
मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने एसआरएम यूनिवर्सिटी में ‘1एस ओपन एक्सेस क्वांटम फैसिलिटी’ और मेडहा टावर्स में ‘1 क्यू क्वांटम फैसिलिटी’ का उद्घाटन किया।
अधिकारियों के अनुसार, ये दोनों क्वांटम टेस्टबेड्स क्वांटम कंप्यूटिंग उपकरणों और उनके हिस्सों को टेस्ट करने के लिए जरूरी सुविधाएं प्रदान करेंगे। इन दोनों सुविधाओं के शुरू होने के साथ ही आंध्र प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जहां क्वांटम टेस्ट रेफरेंस फैसिलिटी मौजूद है। इससे अमरावती क्वांटम वैली को क्वांटम कंप्यूटर हार्डवेयर को टेस्ट और प्रमाणित करने की क्षमता मिल गई है।
इन क्वांटम टेस्टबेड्स को बहुत कम तापमान, लगभग माइनस 273 डिग्री सेल्सियस पर काम करने के लिए बनाया गया है। ये सुविधाएं क्वांटम उपकरण बनाने वाली कंपनियों, शोधकर्ताओं, छात्रों और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के लिए उपयोगी होंगी।
एसआरएम यूनिवर्सिटी में बना 1एस फैसिलिटी रिसर्च के काम आएगा, जबकि मेडहा टावर्स का 1क्यू फैसिलिटी इंडस्ट्रियल उपयोग के लिए होगा। इस कार्यक्रम में नेशनल क्वांटम मिशन, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, क्वांटम कंपनियों के प्रतिनिधि, आईआईटी के प्रोफेसर और वैज्ञानिक शामिल हुए।
इस मौके पर मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि आंध्र प्रदेश ने वर्ल्ड क्वांटम डे के दिन यह उपलब्धि हासिल कर इतिहास रच दिया है, जो क्वांटम साइंस के 100 साल पूरे होने के साथ भी जुड़ा है। उन्होंने कहा कि डॉ. बी.आर. आंबेडकर की जयंती के दिन अमरावती में क्वांटम युग की नई शुरुआत हुई है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया, जिन्होंने अमरावती क्वांटम वैली बनाने के लिए प्रोत्साहन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1एस और 1क्यू क्वांटम टेस्टबेड्स क्वांटम उपकरणों को टेस्ट और प्रमाणित करने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि तेलुगु भूमि, जो आईटी सेक्टर में पहले ही महत्वपूर्ण योगदान दे चुकी है, अब क्वांटम तकनीक का केंद्र बन रही है।
उन्होंने कहा कि जैसे औद्योगिक युग में बिजली और डिजिटल युग में इंटरनेट जरूरी था, वैसे ही आधुनिक समय में क्वांटम तकनीक बहुत महत्वपूर्ण है। जो देश इस तकनीक में आगे होंगे, वही भविष्य तय करेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अमरावती क्वांटम रेफरेंस फैसिलिटी भारतीय शोधकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन बनेगी। उन्होंने कहा कि ये सुविधाएं केवल 8 महीनों में तैयार की गई हैं, जिससे देश की तकनीकी क्षमता बढ़ी है।
भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद ने कहा कि क्वांटम रेफरेंस टेस्ट सुविधाओं की स्थापना आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि अमरावती जल्द ही एआई और क्वांटम तकनीक का राष्ट्रीय केंद्र बन सकता है। उन्होंने कहा कि हमें सिर्फ क्वांटम एल्गोरिद्म पर ही नहीं, बल्कि एटॉमिक और क्रायोजेनिक तकनीकों जैसे अन्य क्षेत्रों पर भी ध्यान देना चाहिए। बदलती वैश्विक स्थिति को देखते हुए तकनीकी मजबूती जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि ये सुविधाएं भारत में क्वांटम हार्डवेयर के निर्माण को बढ़ावा देंगी और देश को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेंगी।
--आईएएनएस
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