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सिनबैक्स-II 2026: भारत-कंबोडिया संयुक्त सैन्य अभ्यास में अपरंपरागत माहौल में ऑपरेशन के गुर सीखेंगे जवान

नई दिल्ली, 3 मई (आईएएनएस)। रक्षा मंत्रालय ने रविवार को बताया कि भारत और कंबोडिया के बीच दूसरे संस्करण का संयुक्त सैन्य अभ्यास सिनबैक्स-II 2026 चार मई से 17 मई तक आयोजित किया जाएगा।
 
सिनबैक्स-II 2026: भारत-कंबोडिया संयुक्त सैन्य अभ्यास में अपरंपरागत माहौल में ऑपरेशन के गुर सीखेंगे जवान

नई दिल्ली, 3 मई (आईएएनएस)। रक्षा मंत्रालय ने रविवार को बताया कि भारत और कंबोडिया के बीच दूसरे संस्करण का संयुक्त सैन्य अभ्यास सिनबैक्स-II 2026 चार मई से 17 मई तक आयोजित किया जाएगा।

मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, यह अभ्यास कंबोडिया के काम्पोंग स्पू प्रांत में स्थित 'टेचो सेन नोम थोम मरेस प्रोव रॉयल कंबोडियन एयर फ़ोर्स ट्रेनिंग सेंटर' (कैंप बेसिल) में आयोजित किया जाएगा।

बयान में कहा गया है कि “कंबोडिया के साथ यह द्विपक्षीय अभ्यास सिनबैक्स-II 2026 बदलती वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बीच काफी महत्वपूर्ण है। यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र के अध्याय वीआईआई के तहत किया जाएगा और इसमें कंपनी-स्तर की संयुक्त ट्रेनिंग होगी, जिसमें सब-कन्वेंशनल (कम तीव्रता वाले) माहौल में ऑपरेशन किए जाएंगे।”

भारतीय सेना की टुकड़ी में 120 जवान शामिल हैं, जो मुख्य रूप से मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की एक बटालियन से हैं। वहीं कंबोडिया की ओर से रॉयल कंबोडियन आर्मी के 160 जवान हिस्सा लेंगे।

बयान में यह भी कहा गया कि यह अभ्यास उन आतंकवाद-रोधी ऑपरेशनों के अनुभव के आधार पर होगा, जो संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशनों के दौरान शांति सैनिकों को करने पड़ते हैं। इसके लिए कई तरह की व्यावहारिक और विस्तृत चर्चाएं होंगी और साथ ही टैक्टिकल (रणनीतिक) अभ्यास भी किए जाएंगे, ताकि एक पूरा फाइनल अभ्यास किया जा सके।

इस अभ्यास में ड्रोन ऑपरेशन, मोर्टार और स्नाइपर तकनीक जैसी खास ट्रेनिंग भी कराई जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल, समन्वय और ऑपरेशन की क्षमता को बेहतर बनाना है।

बयान में कहा गया है कि यह अभ्यास दोनों देशों की वैश्विक शांति बनाए रखने की क्षमता को दिखाएगा और एक-दूसरे के अनुभव साझा करने में मदद करेगा, खासकर उन ऑपरेशनों के दौरान जो अर्ध-शहरी इलाकों में दुश्मन बलों के खिलाफ किए जाते हैं।

मंत्रालय ने कहा कि सिनबैक्स-II 2026 भारत और कंबोडिया के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग को दिखाता है और यह दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करेगा। साथ ही यह क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में आपसी समझ को भी बढ़ाएगा।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी