भारत में वेयरहाउसिंग लीजिंग 2026 की तीसरी तिमाही के दौरान 12 प्रतिशत बढ़ी : रिपोर्ट
मुंबई, 5 नवंबर (आईएएनएस)। भारत के वेयरहाउसिंग सेक्टर में 2026 की तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में एक बार फिर तेजी देखने को मिली। देश के आठ प्रमुख बाजारों में वेयरहाउसिंग स्पेस की लीजिंग गतिविधि सालाना आधार पर 12 प्रतिशत बढ़कर 1.91 करोड़ वर्ग फुट हो गई। इस वृद्धि की प्रमुख वजह विनिर्माण कंपनियों और थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स (3पीएल) ऑपरेटरों की मजबूत मांग रही। यह जानकारी गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।
नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून) में सुस्ती के बाद इस क्षेत्र में सुधार देखने को मिला। विनिर्माण गतिविधियों में तेजी, आउटसोर्स लॉजिस्टिक्स परिचालन के विस्तार और त्योहारी सीजन से पहले कंपनियों की ओर से इन्वेंट्री बढ़ाए जाने से इस वृद्धि को समर्थन मिला।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और तेल एवं माल ढुलाई की ऊंची लागत के बावजूद इस क्षेत्र की वृद्धि मजबूत बनी रही।
रिपोर्ट के मुताबिक, तिमाही के दौरान वेयरहाउसिंग की कुल मांग में विनिर्माण कंपनियों और 3पीएल ऑपरेटरों की संयुक्त हिस्सेदारी 76 प्रतिशत रही।
ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं और इलेक्ट्रिकल उपकरण बनाने वाली कंपनियों की मांग के चलते विनिर्माण क्षेत्र में वेयरहाउसिंग लीजिंग सालाना आधार पर 11 प्रतिशत बढ़ी।
वहीं, 3पीएल ऑपरेटरों की ओर से वेयरहाउसिंग स्पेस लीज पर लेने में 27 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई। परिचालन लागत में उतार-चढ़ाव के बीच अधिक लचीलापन हासिल करने के लिए कंपनियां तेजी से अपने वेयरहाउसिंग और वितरण संबंधी कार्यों को आउटसोर्स कर रही हैं।
त्योहारी सीजन से पहले उपभोक्ता केंद्रित क्षेत्रों ने भी अपने वेयरहाउसिंग नेटवर्क का विस्तार किया।
ई-कॉमर्स कंपनियों की ओर से वेयरहाउसिंग स्पेस लीज पर लेने में सालाना आधार पर 5 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि एफएमसीजी (दैनिक उपयोग की वस्तुएं) और एफएमसीडी (उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं) कंपनियों की मांग में क्रमशः 101 प्रतिशत और 43 प्रतिशत की तेज वृद्धि दर्ज की गई।
नाइट फ्रैंक इंडिया के अंतरराष्ट्रीय साझेदार, चेयरमैन और प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा कि विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार और विशेष लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं की बढ़ती भूमिका से देश का वेयरहाउसिंग बाजार नए स्वरूप में ढल रहा है।
उन्होंने कहा, "भारत का वेयरहाउसिंग बाजार दो महत्वपूर्ण बदलावों से आकार ले रहा है। इनमें घरेलू विनिर्माण क्षेत्र का विस्तार और विशेष लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं की बढ़ती भूमिका शामिल है। इस क्षेत्र में विकास का अगला चरण केवल लीजिंग की मात्रा पर ही निर्भर नहीं करेगा, बल्कि विनिर्माण और उपभोग केंद्रों की जरूरतों को पूरा करने वाले स्थानों पर गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण होगी।"
बैजल ने कहा, "उपयुक्त भूमि की उपलब्धता, समय पर मंजूरी और आधुनिक बुनियादी ढांचे में निवेश एक ऐसे वेयरहाउसिंग इकोसिस्टम के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण होंगे, जो भारत की बदलती आपूर्ति श्रृंखलाओं की जरूरतों को पूरा कर सके।"
--आईएएनएस
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