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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत में हुई प्रगति, दोनों पक्षों ने कई मुद्दों पर की गहन चर्चा

नई दिल्ली, 4 जून (आईएएनएस)। भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि भारत और अमेरिका ने एक प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता के लिए बातचीत में और प्रगति की है। दोनों देशों के अधिकारियों ने इस हफ्ते नई दिल्ली में व्यापार से जुड़े कई मुद्दों पर गहरी बातचीत की।
 
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत में हुई प्रगति, दोनों पक्षों ने कई मुद्दों पर की गहन चर्चा

नई दिल्ली, 4 जून (आईएएनएस)। भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि भारत और अमेरिका ने एक प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता के लिए बातचीत में और प्रगति की है। दोनों देशों के अधिकारियों ने इस हफ्ते नई दिल्ली में व्यापार से जुड़े कई मुद्दों पर गहरी बातचीत की।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) के दफ्तर का एक प्रतिनिधिमंडल, चीफ नेगोशिएटर के नेतृत्व में, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता पर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए 1 जून से 4 जून तक भारत दौरे पर आए।

बातचीत में वस्तुओं के व्यापार, गैर-टैरिफ उपायों, सीमा शुल्क एवं व्यापार सुगमता, आर्थिक सुरक्षा समन्वय तथा आपसी हितों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष रूप से चर्चा की गई।

बातचीत का यह नया दौर भारत और अमेरिका के 7 फरवरी, 2026 को जारी किए गए संयुक्त बयान के बाद हुआ है, जिसमें दोनों पक्ष एक अंतरिम समझौते के फ्रेमवर्क पर सहमत हुए थे, इसका मकसद आपसी और फायदेमंद व्यापार सुनिश्चित करना था।

इस फ्रेमवर्क में दोनों देशों के एक बड़े भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में बातचीत जारी रखने के वादे को भी दोहराया गया।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, यूएसटीआर प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के दौरान हुई बातचीत कंस्ट्रक्टिव और सकारात्मक रही, जो दोनों पक्षों के बीच सहयोग और प्रैक्टिकल सोच की भावना को दिखाती है। अधिकारियों ने कई बातचीत के रास्तों पर हुए विकास की समीक्षा की और आर्थिक एंगेजमेंट को गहरा करने के तरीके खोजे।

दोनों देशों ने एक-दूसरे के लिए फायदेमंद समझौते करने का अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जो द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करेगा और साथ ही ज्यादा आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देगा।

यह बातचीत नई दिल्ली और वाशिंगटन की उन कोशिशों का हिस्सा है, जिनसे वे कमर्शियल संबंध बढ़ा सकें और दुनिया की सबसे बड़ी और पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के बीच बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक सहयोग के बीच एक संरचनात्मक फ्रेमवर्क के जरिए व्यापार से जुड़ी चिंताओं को दूर कर सकें।

मंत्रालय ने आगे कहा, "बातचीत में सहयोग और प्रैक्टिकल सोच की भावना दिखी, जिसमें दोनों पक्षों ने आपसी फायदे वाले समझौते को पूरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जो द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा।"

--आईएएनएस

केके/डीकेपी