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भारत निवेश, इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक गतंव्यों में से एक : पीएम मोदी

नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत निवेश, इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक गतंव्यों में एक है। इसके साथ, उन्होंने यूरोपीय कंपनियों को एक विश्वसनीय और भरोसेमंद आर्थिक भागीदार के रूप में देश के साथ अपने जुड़ाव को और गहरा करने के लिए आमंत्रित किया जाता है।
 
भारत निवेश, इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक गतंव्यों में से एक : पीएम मोदी

नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत निवेश, इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक गतंव्यों में एक है। इसके साथ, उन्होंने यूरोपीय कंपनियों को एक विश्वसनीय और भरोसेमंद आर्थिक भागीदार के रूप में देश के साथ अपने जुड़ाव को और गहरा करने के लिए आमंत्रित किया जाता है।

मोदी ने गोथेनबर्ग में यूरोपीय उद्योग गोलमेज (ईआरटी) को संबोधित किया और इसमें भारत और यूरोप के बीच बढ़ते रणनीतिक सामंजस्‍य को रेखांकित किया। साथ ही, एक अधिक जटिल और अनिश्चित वैश्विक परिवेश में विश्वसनीय साझेदारियों के महत्व पर बल दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ संबंधों में हो रही प्रगति का स्वागत किया, जिसमें ऐतिहासिक भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की वार्ताओं का सफल समापन भी शामिल है। उन्होंने इस समझौते को एक परिवर्तनकारी आर्थिक साझेदारी बताया, जो व्यापार, प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, सेवाओं तथा सुदृढ़ आपूर्ति शृंखलाओं में नए अवसर सृजित करेगी।

उन्होंने भारत की तीव्र आर्थिक प्रगति, अगली पीढ़ी के आर्थिक सुधारों, शासन में व्यापार सुगमता पर केंद्रित प्रयासों, विस्तृत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचनाओं, जीवंत विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र तथा तीव्र गति से रूपांतरित हो रहे अवसंरचना क्षेत्र का ज्रिक किया और भारत के “भारत के लिए डिजाइन करें, भारत में निर्माण करें और भारत से निर्यात करें” के दृष्टिकोण को दोहराया तथा यूरोपीय कंपनियों को भारत के साथ एक विश्वसनीय और भरोसेमंद आर्थिक साझेदार के रूप में अपने जुड़ाव को और गहरा करने के लिए आमंत्रित किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और यूरोप को मिलकर लचीली एवं विविधीकृत आपूर्ति शृंखलाएं विकसित करनी चाहिए। उन्होंने भारत के महत्वाकांक्षी अवसंरचना और ऊर्जा परिवर्तन का जिक्र किया, जिसमें परिवहन, लॉजिस्टिक्स, अक्षय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन तथा परमाणु ऊर्जा में बड़े पैमाने पर निवेश शामिल है।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और यूरोप के बीच प्रतिभा गतिशीलता, शिक्षा तथा कौशल साझेदारियों के महत्व पर भी बल दिया। उन्होंने भारत के युवा और कुशल कार्यबल को भविष्य की वैश्विक आर्थिक वृद्धि के लिए एक प्रमुख शक्ति बताया तथा जन-से-जन संबंधों और नवाचार साझेदारियों को और गहरा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

--आईएएनएस

एबीएस/