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1 जून से लागू हो सकता है भारत-ओमान मुक्त व्यापार समझौता: पीयूष गोयल

नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि भारत और ओमान के बीच दिसंबर 2025 में हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) 1 जून 2026 से लागू हो सकता है।
 
1 जून से लागू हो सकता है भारत-ओमान मुक्त व्यापार समझौता: पीयूष गोयल

नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि भारत और ओमान के बीच दिसंबर 2025 में हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) 1 जून 2026 से लागू हो सकता है।

विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार मंत्री ने कहा, "आज मेरी ओमान की टीम के साथ अच्छी बैठक हुई है और पूरी संभावना है कि ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौता 1 जून 2026 से प्रभावी हो जाएगा।"

ओमान का एक प्रतिनिधिमंडल भारत में व्यापार और निवेश बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करने आया हुआ है। इस एफटीए के लागू होने के बाद भारत के 98 प्रतिशत निर्यात को ओमान में ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा, जिसमें टेक्सटाइल, कृषि उत्पाद और चमड़े से जुड़े सामान शामिल हैं।

इसके बदले भारत ओमान के खजूर, मार्बल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर आयात शुल्क कम करेगा।

गोयल ने यहां चिली के विदेश मंत्री के साथ हुई बैठक पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्था के आकार और अवसरों की विविधता के कारण कुछ चुनौतियां मौजूद हैं।

उन्होंने कहा, "हम नए और नवाचार वाले समाधान के जरिए इस अंतर को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर हमें क्रिटिकल मिनरल्स और अन्य महत्वपूर्ण खनन रियायतों को लेकर अच्छा समझौता मिलता है, तो चिली के साथ एफटीए को अंतिम रूप देने की अच्छी संभावना बन सकती है।"

भारत और चिली इस समय 2006 में हुए प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट (पीटीए) के दायरे को बढ़ाकर व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) बनाने पर बातचीत कर रहे हैं। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच सीमित व्यापार को बढ़ावा देना है।

चिली के साथ प्रस्तावित विस्तारित समझौते में डिजिटल सेवाएं, निवेश प्रोत्साहन, एमएसएमई सहयोग और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे अतिरिक्त क्षेत्रों को शामिल करने की योजना है।

रिपोर्ट के अनुसार, चिली के पास दुनिया का सबसे बड़ा लिथियम भंडार और विशाल तांबा भंडार है। इससे भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और सोलर इंडस्ट्री के लिए जरूरी महत्वपूर्ण खनिजों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है।

--आईएएनएस

डीबीपी