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भारत और ईरान के सुरक्षा प्रमुखों ने क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों पर की चर्चा

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत और ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के बीच सोमवार को बातचीत हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने नवीनतम क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों तथा आपसी हित के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। यह जानकारी नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने दी।
 

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत और ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के बीच सोमवार को बातचीत हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने नवीनतम क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों तथा आपसी हित के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। यह जानकारी नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने दी।

ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में बताया कि ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई ने सोमवार शाम भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल के साथ टेलीफोन पर बातचीत की।

दूतावास ने कहा, "ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव डॉ. मोहसिन रेजाई ने आज शाम भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ टेलीफोन पर बातचीत की, जिसमें दोनों देशों के बीच आपसी हितों और नवीनतम क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर विचार साझा किए गए।"

यह बातचीत ईरान के भारत में राजदूत मोहम्मद फताली के उस बयान के कुछ दिन बाद हुई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि तेहरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बीच ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान तय हुए मुद्दों पर गंभीरता से काम कर रहा है।

पिछले महीने पीएम मोदी और पेजेश्कियन की मुलाकात के बाद सहयोग से जुड़े मामलों में प्रगति के सवाल पर फताली ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस को बताया था कि ईरानी राष्ट्रपति ने इस पर तुरंत कार्रवाई की है।

उन्होंने कहा था, "इन चर्चाओं के तुरंत बाद से ही, राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने संबंधित मंत्रालयों और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं और बैठक के दौरान जिन मामलों पर सहमति बनी थी, उन्हें संबंधित संस्थानों द्वारा गंभीरता से आगे बढ़ाया जा रहा है। भारत-ईरान संबंधों में कई मुद्दे एजेंडे में हैं। समझौतों को सही ढंग से लागू करना और उन्हें व्यावहारिक परिणामों में बदलने के लिए समय और निरंतर फॉलो-अप की आवश्यकता होती है।"

उन्होंने आगे कहा था, "ईरान विभिन्न क्षेत्रों में भारत के साथ संबंधों को और विकसित और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा मानना है कि दोनों देशों के बीच मौजूद क्षमताएं व्यापक और अधिक उत्पादक सहयोग का आधार प्रदान करती हैं।"

भारत ने भी तेहरान के साथ क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों को लेकर चिंता जताई है। जुलाई में, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के साथ टेलीफोन पर बातचीत की थी, जिसमें उन्होंने क्षेत्र में जारी शत्रुता पर भारत की गहरी चिंता व्यक्त की थी।

विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर लिखा था, "आज शाम ईरान के विदेश मंत्री अराघची के साथ टेलीफोन पर बातचीत की। क्षेत्र में जारी शत्रुता पर हमारी गहरी चिंताओं से अवगत कराया। पुरजोर आग्रह किया कि किसी भी परिस्थिति में वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों पर हमलों से बचा जाए। भारत किसी भी पक्ष द्वारा किए गए ऐसे किसी भी हमले की निंदा करता है।"

--आईएएनएस

केके/एमएस