भारत ने 2014 के बाद से डॉप्लर वेदर रडार नेटवर्क में किया बड़ा विस्तार, रडार की संख्या 14 से बढ़कर हुई 50: डॉ. जितेंद्र सिंह
नई दिल्ली, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बुधवार को कहा कि भारत ने 2014 के बाद से अपने डॉप्लर वेदर रडार (डीडब्ल्यूआर) नेटवर्क में बड़ा विस्तार किया है। अब रडार की संख्या 14 से बढ़कर 50 हो गई है, जो 250 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी है।
मंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी में भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) मुख्यालय में एक सेल्फी प्वाइंट का उद्घाटन करने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस विस्तार से अब देश के 87 प्रतिशत से ज्यादा हिस्से को कवर किया जा रहा है। इससे चक्रवात, भारी बारिश और आंधी-तूफान की भविष्यवाणी ज्यादा सटीक हो गई है।
उन्होंने कहा, "2014 के बाद से भारत में डॉप्लर वेदर रडार नेटवर्क में बड़ा विस्तार हुआ है, जो अब 50 यूनिट तक पहुंच गया है।"
उन्होंने यह भी कहा कि मिशन मौसम के तहत आने वाले समय में 50 और रडार लगाए जाएंगे, जिससे मौसम की जानकारी और बेहतर होगी।
मंत्री ने कहा कि यह तेजी से हुआ विस्तार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मौसम और जलवायु सेवाओं को मजबूत करने के प्रयासों का नतीजा है।
उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से मौसम पूर्वानुमान की सटीकता, पहुंच और भरोसे में सुधार हुआ है।
उन्होंने कहा, "अब लोगों द्वारा घर से निकलने से पहले मोबाइल पर मौसम की जानकारी देखना आम बात हो गई है, जो आईएमडी सेवाओं पर बढ़ते भरोसे को दिखाता है।"
डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि भारत की बेहतर मौसम भविष्यवाणी क्षमता का फायदा पड़ोसी देशों को भी मिल रहा है, जिससे क्षेत्रीय सहयोग मजबूत हो रहा है।
उन्होंने कहा कि अब भारत इतनी सटीक जानकारी दे सकता है कि बारिश की तीव्रता, बारिश का प्रकार, ओलावृष्टि की संभावना और यहां तक कि बारिश की बूंदों के आकार तक का अनुमान लगाया जा सकता है।
--आईएएनएस
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