भारत सकड़ और डिजिटाइजेशन जैसे क्षेत्रों में कर रहा बेहतर कार्य, विकास दर को 8 प्रतिशत के पार ले जाने की क्षमता मौजूद: विश्व बैंक प्रमुख अजय बंगा
एशविले, 2 सितंबर (आईएएनएस)। भारत सकड़, एयरपोर्ट और डिजिटाइजेशन जैसे क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य कर रहा है और देश में अर्थव्यवस्था की विकास दर को मौजूदा 7-8 प्रतिशत के पार जाने की क्षमता मौजूद है। यह बयान विश्व बैंक प्रमुख अजय बंगा ने दिया।
बंगा का यह बयान ऐसे समय पर सामने आया है, जब भारत ने वैश्विक अस्थिरता के बीच वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल की है।
जी20 के वित्त मंत्रियों की बैठक के साइडलाइन में समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में बंगा ने कहा कि वृद्धि दर के ताजा आंकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाते हैं।
उन्होंने कहा, "भारत अब लगातार 7 से 8 प्रतिशत की ग्रोथ हासिल कर रहा है, जो काफी अच्छा है और मुझे लगता है कि इससे भी आगे जाने का मौका है।"
बंगा ने देश में लगातार हो रहे निवेश के साथ-साथ सर्विस और निर्यात में हुई बढ़ोतरी का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा, "उस 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर में सर्विस सेक्टर और निर्यात दोनों में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। निवेश का स्तर भी बना हुआ है। इस कारण मुझे लगता है कि भारत ने बहुत मजबूत प्रदर्शन किया है।"
वर्ल्ड बैंक के प्रमुख ने कहा कि ध्यान सिर्फ एक तिमाही से आगे बढ़कर, इस बढ़ोतरी को युवाओं के लिए रोजगार और मौकों में बदलने पर होना चाहिए।
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि भारत के पास प्राइवेट सेक्टर के निवेश और नौकरियों में बढ़ोतरी के जरिए आगे बढ़ने का बहुत अच्छा मौका है। आपको इन सभी चीजो को युवाओं के लिए मौकों, उम्मीदों और आकांक्षाओं में बदलना होगा।"
इसके अलावा, बंगा ने रोजगार पैदा करने के लिए जरूरी तीन अहम चीजों के बारे में बताया, जिसमें फिजिकल और ह्यूमन इंफ्रास्ट्रक्चर, रेगुलेटरी सुधार और प्राइवेट कैपिटल को जुटाना शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि भारत सड़कें, पुल, एयरपोर्ट, बिजली, पानी और डिजिटाइजेशन के क्षेत्र में काफी अच्छा काम कर रहा है, लेकिन शिक्षा, स्किलिंग और हेल्थकेयर में और तरक्की की जरूरत है।
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि भारत में पूरे स्किलिंग और शिक्षा सिस्टम को इस तरह से बेहतर बनाने की जरूरत है कि वे भविष्य में मिलने वाली नौकरियों और प्राइवेट सेक्टर की जरूरतों के हिसाब से हों।"
--आईएएनएस
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