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भारत और बेल्जियम मिलिट्री एक्सचेंज और प्रशिक्षण सहयोग को बढ़ाएंगे: पीएम मोदी

नई दिल्ली, 3 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को रक्षा और सुरक्षा सहयोग को भारत-बेल्जियम संबंधों का "मुख्य स्तंभ" बताया और घोषणा की कि दोनों देश मिलिट्री एक्सचेंज और प्रशिक्षण सहयोग को बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।
 

नई दिल्ली, 3 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को रक्षा और सुरक्षा सहयोग को भारत-बेल्जियम संबंधों का "मुख्य स्तंभ" बताया और घोषणा की कि दोनों देश मिलिट्री एक्सचेंज और प्रशिक्षण सहयोग को बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।

नई दिल्ली में बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार आधारित अर्थव्यवस्था और लोगों के बीच मजबूत संबंध भारत और बेल्जियम को "स्वाभाविक साझेदार" बनाते हैं।

उन्होंने कहा, "रक्षा और सुरक्षा सहयोग हमारे संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ है। आज, हमने दोनों देशों के बीच मिलिट्री एक्सचेंज और प्रशिक्षण सहयोग को बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है। हमारी सरकारों और रक्षा उद्योगों के बीच हुए समझौते रक्षा क्षेत्र में मिलकर विकास और उत्पादन के नए अवसर पैदा करेंगे। हम अपनी-अपनी एजेंसियों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने और अपराध के खिलाफ सहयोग को भी और मजबूत करेंगे।"

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले दशक में भारत और बेल्जियम के बीच साझेदारी ने उल्लेखनीय प्रगति की है और द्विपक्षीय सहयोग का दायरा पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों तक फैल गया है।

उन्होंने कहा कि भारत और बेल्जियम आधुनिक रक्षा उपकरणों, जैसे कि जोरावर टैंक, पर मिलकर काम कर रहे हैं और आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट्स में से एक को विकसित कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "भारत और बेल्जियम के संबंधों की जड़ें इतिहास में गहरी है। पहले विश्व युद्ध में बेल्जियम में हजारों भारतीय सैनिकों का साहस और बलिदान हमारी साझा स्मृति का अहम हिस्सा है। आज लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार अर्थव्यवस्था और लोगों के बीच आपसी गहरे संबंध हमें स्वाभाविक साझेदार बनाते हैं।"

भारत की आर्थिक वृद्धि की सराहना करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में जारी संघर्षों जैसे चुनौतीपूर्ण माहौल के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने अपनी गति बनाए रखी है।

प्रधानमंत्री ने कहा, "आज, दुनिया बड़े उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष जारी हैं, जबकि अनिश्चितता फूड, फ्यूल और सप्लाई चेन जैसे हर क्षेत्र को प्रभावित कर रही है। इस चुनौतीपूर्ण माहौल में भी, भारत की अर्थव्यवस्था ने अपनी गति बनाए रखी है। भारत ने पिछली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। आज, भारत की विकास गाथा दुनिया के लिए विश्वास और नए अवसरों का स्रोत बन रही है।"

जनवरी में भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के बारे में बात की।

पीएम मोदी ने कहा, "इस वर्ष की शुरुआत में हमने ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किया। विश्व की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियों के बीच यह अभूतपूर्व सहयोग वैश्विक स्थिरता, विकास और साझा समृद्धि को नई मजबूती देगा। भारत की निरंतर आर्थिक प्रगति और इस एग्रीमेंट ने हमारे आर्थिक संबंधों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। आज हमने इन संभावनाओं को ठोस परिणामों में बदलने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) के क्षेत्र में भारत और बेल्जियम के बीच हुए समझौते (एमओयू) से सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) पर दोनों देशों के सहयोग को नई गति मिलेगी।

--आईएएनएस

केआर/