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भारत ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जोड़ी 9 गीगावाट से अधिक की रूफटॉप सोलर क्षमता

नई दिल्ली, 25 मार्च (आईएएनएस)। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना फरवरी 2024 में लॉन्च होने से बाद से अब तक देश में 9.566 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता जोड़ी जा चुकी है। यह बयान सरकार की ओर से बुधवार को दिया गया।
 
भारत ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जोड़ी 9 गीगावाट से अधिक की रूफटॉप सोलर क्षमता

नई दिल्ली, 25 मार्च (आईएएनएस)। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना फरवरी 2024 में लॉन्च होने से बाद से अब तक देश में 9.566 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता जोड़ी जा चुकी है। यह बयान सरकार की ओर से बुधवार को दिया गया।

सरकार की ओर से बताया गया कि एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाने से 25 साल की परियोजना अवधि में लगभग 1,000 अरब यूनिट नवीकरणीय बिजली का उत्पादन होगा और 720 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, आपूर्ति श्रृंखला, बिक्री और स्थापना, संचालन एवं रखरखाव सेवाओं और वित्तीय सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 17 लाख रोजगार सृजित होने का अनुमान है।

इसके अलावा, सरकार ने यह भी बताया कि भारत की हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता 2030 तक 50 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष तक पहुंचने की संभावना है।

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने राज्यसभा में कहा, "उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फरवरी 2026 तक भारत में लगभग 8000 टन प्रति वर्ष की हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता चालू हो चुकी है।"

राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (एनजीएचएम) का उद्देश्य भारत को हरित हाइड्रोजन और इसके व्युत्पन्न उत्पादों के उत्पादन, उपयोग और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना है।

विश्व बैंक समूह ने कहा कि हरित हाइड्रोजन उत्पादन की कुल लागत में नवीकरणीय ऊर्जा का योगदान 50-70 प्रतिशत है।

स्थानीय डिस्कॉम से ग्रिड से जुड़े बिजली कनेक्शन वाले आवासीय उपभोक्ता, योजना के राष्ट्रीय पोर्टल पर आवेदन करके आरटीएस सिस्टम लगाने के लिए पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना योजना का लाभ उठा सकते हैं।

देश में एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर लगाने के लक्ष्य को प्राप्त करने और रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए, सरकार ने आवेदन से लेकर सब्सिडी के वितरण तक की पूरी प्रक्रिया को राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से आवासीय उपभोक्ता के बैंक खाते में सीधे वितरित करने की ऑनलाइन सुविधा शुरू की है।

इसके अलावा, राष्ट्रीयकृत बैंकों से आवेदकों को रियायती ब्याज दर (रेपो दर प्लस 50 बीपीएस) पर, यानी वर्तमान में 5.75 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर पर, 10 वर्षों की अवधि के लिए बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध है।

--आईएएनएस

एबीएस/