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राजस्थान निकाय चुनाव: वो एक वोट, जिससे निर्दलीय उम्मीदवार ने दर्ज की जीत

जयपुर, 14 सितंबर (आईएएनएस)। राजस्थान में नदबई नगर निकाय चुनाव के नतीजों ने वार्ड नंबर 6 के कड़े मुकाबले में एक भावनात्मक मोड़ ला दिया है, जहां जीत और हार का अंतर सिर्फ एक वोट का था।
 

जयपुर, 14 सितंबर (आईएएनएस)। राजस्थान में नदबई नगर निकाय चुनाव के नतीजों ने वार्ड नंबर 6 के कड़े मुकाबले में एक भावनात्मक मोड़ ला दिया है, जहां जीत और हार का अंतर सिर्फ एक वोट का था।

निर्दलीय उम्मीदवार जगदीश प्रसाद को 151 वोट मिले और उन्होंने भाजपा उम्मीदवार रामशरण को हराया, जिन्हें 150 वोट मिले थे। दोनों उम्मीदवारों के बीच सिर्फ एक वोट का फर्क होने के कारण, यह नतीजा इलाके के लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

जगदीश प्रसाद की जीत में एक भावुक पहलू भी जुड़ा है; बताया जा रहा है कि उनकी मां ने चुनाव के दिन वोट डाला था और अगले ही दिन उनका निधन हो गया। बेटे की मामूली अंतर से जीत की खबर आने के साथ ही परिवार उनकी मौत के गम में भी डूबा हुआ था।

नतीजे घोषित होने के बाद, लोग जगदीश प्रसाद की मां के वोट के महत्व पर चर्चा करने लगे। उनका वोट ऐसे अहम समय पर पड़ा था जब चुनाव का नतीजा आखिर में सिर्फ एक वोट के अंतर से तय हुआ।

जगदीश प्रसाद को 151 वोट मिले, जबकि रामशरण को 150 वोट मिले। अगर एक भी वोट इधर-उधर होता तो नतीजा बदल सकता था, जिससे वार्ड का हर वोट निर्णायक बन गया। इस माहौल में, जगदीश प्रसाद की मां का डाला गया वोट परिवार और स्थानीय समुदाय के लिए खास भावनात्मक महत्व रखता है।

जगदीश प्रसाद की मां ने नगर निकाय चुनाव में वोट डाला था और अगले दिन उनका निधन हो गया। इसलिए परिवार एक तरफ उनकी मौत के गम और दूसरी तरफ जगदीश प्रसाद की जीत की खबर के बीच मिली-जुली भावनाओं से गुजर रहा था। सिर्फ एक वोट से जीत ने इन घटनाओं के क्रम को और भी भावुक बना दिया है।

नगर निकाय चुनावों में जहां कई उम्मीदवार बड़े अंतर से जीते, वहीं वार्ड नंबर 6 का नतीजा बेहद करीबी मुकाबले के कारण चर्चा का विषय रहा। 151 बनाम 150 वोटों के अंतिम आंकड़ों ने जगदीश प्रसाद को एक वोट से जीत दिलाई।

एक आजाद उम्मीदवार के तौर पर बीजेपी उम्मीदवार को हराने के कारण जगदीश प्रसाद ने वार्ड में राजनीतिक ध्यान भी आकर्षित किया है। हालांकि, परिवार के लिए इस नतीजे का बहुत ही निजी महत्व है। मौत से ठीक एक दिन पहले जगदीश प्रसाद की मां का डाला गया आखिरी वोट चुनाव की कहानी का एक भावुक और यादगार हिस्सा बना रहेगा।

--आईएएनएस

एससीएच/डीएससी