पेपर लीक तभी होता है जब प्रश्न पत्र अखबारों में छपते हैं: कन्हैया कुमार
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने बुधवार को नीट पेपर लीक विवाद को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी और सरकार अपनी जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही हैं।
कन्हैया कुमार ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि उनके हिसाब से पेपर लीक का मतलब क्या है? उनकी राय में पेपर लीक तभी होता है जब कोई प्रश्न पत्र किसी अखबार में छप जाए। एनटीए प्रमुख को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। उनके भाजपा से राजनीतिक संबंध हैं। एनटीए को इस देश की हर जरूरी परीक्षा कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, फिर भी वह एक भी परीक्षा ठीक से नहीं करा पा रही है।
उन्होंने आगे कहा कि बहाने बनाने के बजाय अधिकारियों को परीक्षा से जुड़े विवाद की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि बहाने बनाने के बजाय उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। एनटीए और शिक्षा मंत्री प्रधान को इन सवालों के जवाब देने चाहिए। हर परीक्षा से पहले, ‘परीक्षा पर चर्चा’ करते हैं, लेकिन जब भी पेपर लीक होता है तो रील्स और कैंपेन अचानक खामोश हो जाते हैं। सरकार को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए और कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने इस मुद्दे पर एजेंसी के रुख पर भी सवाल उठाया और कहा कि जब लगभग सभी प्रश्न लीक हो जाएं, तो अगर इसे पेपर लीक नहीं कहेंगे, तो क्या कहेंगे।
यह बयान नीट यूजी 2026 परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद और परीक्षा के आयोजन में अनियमितताओं के आरोपों के बीच आया है।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए, जो परीक्षा कराने के लिए जिम्मेदार केंद्रीय संस्था है, उसके खिलाफ एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यह दुखद है कि नीट पेपर लीक के पिछले मामलों से कोई सबक नहीं लिया गया।
इससे पहले एनटीए ने 22 मई को शिक्षा पर संसदीय स्थायी समिति को बताया था कि विवादित नीट यूजी 2026 परीक्षा में पूरी तरह से पेपर लीक नहीं हुआ था।
एजेंसी ने कहा कि केवल कुछ प्रश्न बाहर आए थे और इस मुद्दे को पूरी तरह से पेपर लीक के बजाय कदाचार के मामलों के रूप में बताया।
नीट यूजी 2026 परीक्षा, जो एक अखिल भारतीय प्री-मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, को एक बड़े पेपर लीक के आरोपों और एक गेस पेपर के सर्कुलेशन के बाद रद्द कर दिया गया था, जिसके बारे में कहा गया था कि वह परीक्षा के कई असली प्रश्नों से मेल खाता था।
इस विवाद के चलते केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा जांच शुरू की गई और एनटीए की संसदीय जांच भी हुई। छात्रों और अभिभावकों के व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच एनटीए ने बाद में घोषणा की कि पुन: परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।
--आईएएनएस
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