आईएमडी पर उठे सवालों के बीच केरल सरकार का दावा, 'मौसम संबंधी चेतावनी जारी करना राज्य के अधिकार में नहीं'
तिरुवनंतपुरम, 4 अगस्त (आईएएनएस)। केरल सरकार ने मंगलवार को बारिश से जुड़ी आपदाओं से निपटने के अपने प्रयासों का बचाव किया। राज्य के राजस्व मंत्री एपी. अनिल कुमार ने मौसम संबंधी चेतावनियों में किसी भी कमी के लिए भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) को जिम्मेदार ठहराया।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के पास स्वतंत्र रूप से मौसम संबंधी चेतावनी जारी करने का अधिकार नहीं है। उसका काम केवल केंद्र की मौसम एजेंसी द्वारा जारी अलर्ट को लोगों तक पहुंचाना है।
भारी बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं में अब तक कम से कम 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7 लोग अब भी लापता हैं। पथानमथिट्टा, इडुक्की, कोट्टायम और राज्य के उत्तरी जिले सबसे अधिक प्रभावित रहे हैं। यदि मौसम संबंधी चेतावनी जारी करने में कोई लापरवाही हुई है तो इसकी जिम्मेदारी आईएमडी की है।
उन्होंने कहा, "राज्य सरकार अपने स्तर पर मौसम चेतावनी जारी नहीं कर सकती। हमारी जिम्मेदारी केवल भारतीय मौसम विभाग के अलर्ट की सूचना लोगों तक पहुंचाने तक सीमित है।"
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद मौसम पूर्वानुमान की सटीकता और समयबद्धता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इन घटनाओं में कई लोगों की जान गई है और कई जिलों में भारी नुकसान हुआ है।
मंत्री ने माना कि मौजूदा चेतावनी प्रणाली में सुधार की जरूरत है ताकि अधिक सटीक और समय पर मौसम पूर्वानुमान उपलब्ध कराया जा सके। बेहतर पूर्वानुमान से प्रशासन और आम जनता, दोनों को ही खराब मौसम की घटनाओं के लिए बेहतर तैयारी करने में मदद मिलेगी।
सरकार के आपदा प्रबंधन प्रयासों का बचाव करते हुए अनिल कुमार ने राहत और बचाव कार्यों में प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विभागों के बीच समन्वय में किसी तरह की विफलता नहीं हुई।
मंत्री के अनुसार, बचाव, निकासी और राहत कार्य विभिन्न एजेंसियों के साथ मिलकर किए गए, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में समय पर सहायता पहुंचाई जा सकी। अभियान के दौरान सामने आई किसी भी शिकायत का अधिकारियों ने तुरंत समाधान किया।
सरकार की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब कई क्षेत्रों में अपेक्षा से कहीं अधिक बारिश होने के बाद मौसम चेतावनियों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और प्रशासन का कहना है कि वास्तविक वर्षा का स्तर अनुमान से कहीं ज्यादा था।
--आईएएनएस
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