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क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों को जानता हूं, नई पीढ़ी का नेतृत्व तैयार करूंगा: कुमारस्वामी

मैसूरु, 19 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में क्रॉस-वोटिंग के कारण कांग्रेस के सभी पांच उम्मीदवारों की जीत और जेडी(एस) प्रत्याशी की हार पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री तथा जनता दल (सेक्युलर) के प्रदेश अध्यक्ष एच.डी. कुमारस्वामी ने शुक्रवार को कहा कि वह इस घटनाक्रम से न तो हैरान हैं और न ही उन्हें कोई आश्चर्य हुआ है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें पहले से ही क्रॉस-वोटिंग की आशंका थी और उन्हें यह भी पता है कि किन विधायकों ने पार्टी के खिलाफ मतदान किया।
 
क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों को जानता हूं, नई पीढ़ी का नेतृत्व तैयार करूंगा: कुमारस्वामी

मैसूरु, 19 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में क्रॉस-वोटिंग के कारण कांग्रेस के सभी पांच उम्मीदवारों की जीत और जेडी(एस) प्रत्याशी की हार पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री तथा जनता दल (सेक्युलर) के प्रदेश अध्यक्ष एच.डी. कुमारस्वामी ने शुक्रवार को कहा कि वह इस घटनाक्रम से न तो हैरान हैं और न ही उन्हें कोई आश्चर्य हुआ है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें पहले से ही क्रॉस-वोटिंग की आशंका थी और उन्हें यह भी पता है कि किन विधायकों ने पार्टी के खिलाफ मतदान किया।

मैसूरु में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत और समर्थन से विधायक बने कुछ जनप्रतिनिधियों ने अपने निजी फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि विधान परिषद चुनाव में क्रॉस-वोटिंग करने वालों की पूरी जानकारी उनके पास है, इसलिए चुनाव परिणाम से वह विचलित नहीं हैं।

उन्होंने कहा, "मुझे पहले से अंदेशा था कि कुछ विधायक क्रॉस वोटिंग करेंगे। इसलिए न तो परिणाम ने मुझे चौंकाया और न ही कोई आश्चर्य हुआ। दो दिन पहले जब मैं मंदिर गया था, तभी मुझे मालूम था कि चुनाव का नतीजा क्या होने वाला है।"

कुमारस्वामी ने कहा कि जेडी(एस) का उम्मीदवार उतारना एक तरह से पार्टी के प्रति वफादारी की परीक्षा थी। उन्होंने कहा, "मैंने प्रतीकात्मक रूप से अपनी पार्टी का उम्मीदवार इसलिए उतारा ताकि यह पता चल सके कि कौन हमारे साथ खड़ा रहता है।"

क्रॉस वोटिंग के कारणों पर उन्होंने कहा कि इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं, लेकिन वह उन्हें सार्वजनिक रूप से साझा नहीं करना चाहते। उन्होंने बताया कि कुछ विधायकों ने अपने विधानसभा क्षेत्रों में पर्याप्त विकास नहीं होने की शिकायत की है और अपने भविष्य को लेकर अलग निर्णय भी लिए हैं।

उन्होंने दावा किया कि पर्दे के पीछे हुई सभी राजनीतिक गतिविधियों की उन्हें पूरी जानकारी है। कुमारस्वामी ने कहा, "मुझे पता है कि किसने किससे बात की, कब बात की और किस तरह की चर्चाएं या लेन-देन हुए। हमारी पार्टी के चार विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है और मुझे पूरी तरह पता है कि वे कौन हैं। उनमें से कुछ ने जेडी(एस) छोड़ने की संभावना पर भी चर्चा की है।"

जेडी(एस) नेता ने कहा कि वह पिछले तीन वर्षों से पार्टी के भीतर हो रहे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं और विधायकों को हमेशा जनता से किए गए वादों को निभाने की सलाह देते रहे हैं।

उन्होंने कहा, "मैंने अपने विधायकों से कहा है कि वे चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादों को पूरा करें और अपने क्षेत्रों में विकास कार्य कराने के लिए प्रयास करें। यदि कुछ नेता पार्टी छोड़ना चाहते हैं तो नए चेहरे सामने आएंगे।"

युवा पीढ़ी पर भरोसा जताते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि अब 'जेन-ज़ी' का दौर है और बड़ी संख्या में युवा सार्वजनिक जीवन में आने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, "मैं मानसिक रूप से तैयार हूं कि पार्टी में युवाओं को अवसर दूं और नई पीढ़ी का नेतृत्व तैयार करूं।"

गौरतलब है कि कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस के सभी पांच उम्मीदवार विजयी रहे, जबकि भाजपा को दो सीटें मिलीं और उसकी सहयोगी जेडी(एस) अपना उम्मीदवार जिताने में असफल रही। चुनाव परिणाम के बाद भाजपा और जेडी(एस) दोनों ने क्रॉस वोटिंग को गंभीर मुद्दा बताते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

--आईएएनएस

डीएससी