महिला अपराध और नशा तस्करी रोकने के लिए पुलिस को खुली छूट, हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं: सीएम सुवेंदु अधिकारी
कोलकाता, 7 नवंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को कहा कि उन्होंने राज्य में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए पुलिस को पूरी छूट दे दी है। उन्होंने चेतावनी दी कि इन मामलों में किसी भी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
साथ ही, पुलिस विभाग का जिम्मा भी संभाल रहे अधिकारी ने पुलिसकर्मियों पर हमले तथा थानों और पुलिस चौकियों में तोड़फोड़ करने वालों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को लंबे समय तक जेल में रहना पड़ेगा।
उन्होंने कहा, "मैंने पुलिस को दो मुद्दों पर पूरी छूट दी है- पहला महिलाओं के खिलाफ अपराध और दूसरा नशा तस्करी। इन दोनों मामलों में किसी भी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप मैं बर्दाश्त नहीं करूंगा। साथ ही, राज्य के पुलिस मंत्री के तौर पर पुलिसकर्मियों पर हमला या किसी थाने अथवा पुलिस चौकी में तोड़फोड़ की घटना भी स्वीकार नहीं की जाएगी। पुलिस पर हमला करने वालों को वर्षों तक जेल में रहना होगा।"
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पुलिस थानों या चौकियों में तोड़फोड़ करने वालों से नुकसान की भरपाई ब्याज सहित वसूली जाएगी।
उन्होंने कहा, "यदि किसी थाने या पुलिस चौकी में तोड़फोड़ होती है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों से नुकसान की राशि ब्याज सहित वसूल की जाएगी।"
सीएम सुवेंदु अधिकारी कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार में नव नियुक्त पुलिस सब-इंस्पेक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के दौरान संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने नए अधिकारियों को सलाह दी कि वे अपनी ड्यूटी के दौरान कड़ा अनुशासन बनाए रखें और अपने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों तथा आदेशों का पालन करें।
पुलिस बल के सामने मौजूद चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की भौगोलिक विविधता, बड़ी आबादी और अलग-अलग भाषाई व सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के कारण पुलिसिंग का काम अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल में 11 करोड़ लोग रहते हैं। एक तरफ पहाड़ हैं, दूसरी तरफ जंगल हैं और कई द्वीपीय क्षेत्र भी हैं। सामान्य जनजीवन बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है। अब तक पुलिस को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिली थीं। उनके पास वित्तीय सुरक्षा भी नहीं थी। अब पुलिस को वित्तीय सुरक्षा प्रदान की जाएगी।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल के आधुनिकीकरण और प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष ध्यान देगी। इसके लिए असम के एक पुलिस प्रशिक्षण केंद्र के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया है। साथ ही राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों के बीच बेहतर समन्वय को भी मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के दौरान पुलिस भर्ती पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया था। उन्होंने कहा कि नई सरकार अब तक राज्य पुलिस बल में 11,000 कर्मियों की भर्ती कर चुकी है।
हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि अभी भी 46,000 पद खाली हैं और सरकार इन्हें चरणबद्ध तरीके से भरेगी।
उन्होंने कहा कि भर्ती अभियान के तहत 6,345 महिला पुलिसकर्मियों और 4,000 कांस्टेबलों की भर्ती की जाएगी। आने वाले महीनों में और नियुक्तियां भी की जाएंगी।
सीएम सुवेंदु अधिकारी ने कहा, "पुलिस भर्ती की प्रक्रिया दिसंबर-जनवरी में फिर शुरू की जाएगी।" उन्होंने संकेत दिया कि राज्य की पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
