हैदराबाद में दशहरा पर अंधविश्वास की भेंट चढ़ने से चार इंडियन रोलर पक्षियों को पुलिस ने बचाया
हैदराबाद, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। हैदराबाद पुलिस ने दशहरा उत्सव के दौरान तेलंगाना के राजकीय पक्षी इंडियन रोलर तोतों को अवैध कैद से बचाया। त्योहार के दौरान इन पक्षियों को देखने से सौभाग्य प्राप्त होता है, लेकिन इस अंधविश्वास के कारण इन पर व्यापक क्रूरता और कैद की जाती है।
पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने बुधवार को बताया कि जागरूक नागरिकों द्वारा दी गई सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए हैदराबाद नगर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने तीन अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की और सफलतापूर्वक चारों इंडियन रोलर तोतों को जीवित बचाया।
आयुक्त ने कहा कि तेलंगाना राज्य का राजकीय पक्षी, इंडियन रोलर (पालापिट्टा) को दशहरा के दौरान कुछ स्वार्थी तत्वों ने लोहे के पिंजरों में कैद कर लिया। हमने पहले ही स्पष्ट चेतावनी दी थी कि बेज़ुबान प्राणियों को नुकसान पहुंचाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोगों ने इन चेतावनियों को अनसुना कर दिया और इन बेबस पक्षियों को घोर पीड़ा पहुंचाई।
लंगर हाउज के बापू घाट स्थित एक मंदिर के पास तंग पिंजरों में बुरी तरह से पीड़ित दो पक्षियों को मुक्त कराया गया और केबीआर पार्क के वन अधिकारियों को सौंप दिया गया।
चत्रिनाका स्थित श्री चित्रगुप्त स्वामी मंदिर के पास एक पेड़ से लटके पिंजरे में बंद एक अन्य पक्षी और मंगलहाट के बालाजी नगर स्थित एक मंदिर के पास पिंजरे में बंद एक चौथे पक्षी को भी बचाया गया और वन विभाग को सौंप दिया गया।
सज्जनार ने कहा कि वन विभाग के समन्वय से दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है।
उन्होंने कहा कि किसी त्योहार के नाम पर एक असहाय पक्षी को पकड़ना, उसे भोजन और पानी से वंचित करके यातना देना, किसी के हित में नहीं है; बल्कि यह हमारे समाज के लिए हानिकारक है।
उन्होंने कहा कि पिंजरे की सलाखों के बीच आतंक से तड़पते पक्षी की चीख में भला शुभता क्या हो सकती है? सच्ची भक्ति तो सभी जीवित प्राणियों के प्रति करुणा में है, न कि प्रकृति को कैद करने में।
लोगों का मानना है कि दशहरा पर इंडियन रोलर को देखना सौभाग्य लाता है। पक्षी पकड़ने वाले और तांत्रिक त्योहार से पहले ही पक्षियों को पकड़कर पंडालों और मंदिरों के पास पिंजरों में प्रदर्शित करते हैं और दर्शन की गारंटी चाहने वाले भक्तों से पैसे वसूलते हैं।
उन्हें उड़ने से रोकने के लिए शिकारी अक्सर उनके पैर बांध देते हैं, पंख काट देते हैं या चिपका देते हैं और उन्हें छोटे पिंजरों में बंद कर देते हैं।
ये कीटभक्षी जंगली पक्षी कैद में भोजन के लिए संघर्ष करते हैं और अक्सर त्योहार समाप्त होने के तुरंत बाद निर्जलीकरण, आघात या भूख से मर जाते हैं।
इंडियन रोलर को पकड़ने और प्रदर्शित करने की यह परंपरा पूरी तरह से अवैध है। वे वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972, की अनुसूची चतुर्थ द्वारा संरक्षित हैं और इस अधिनियम का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना या कारावास का प्रावधान है।
आयुक्त ने लोगों से अपील की कि वे जिम्मेदार नागरिक के रूप में कार्य करें और यदि उन्हें कहीं भी पिंजरे में बंद भारतीय रोलर दिखाई दे तो तुरंत टोल-फ्री नंबर 18004255364, 9803338666 पर सूचना दें या 112 डायल करें।
--आईएएनएस
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