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चेन्नई की जलकुंभी से भरी व्यासर्पदी नहर में बढ़ा बाढ़ का खतरा

चेन्नई, 30 अगस्त (आईएएनएस)। व्यासार्पडी के शास्त्री नगर के निवासी बाढ़ को लेकर चिंतित हैं क्योंकि लगातार बारिश से जलकुंभी (जलीय पादप) और कचरे से बुरी तरह अवरुद्ध नहर में पानी का खराब प्रवाह उजागर हो गया है।
 

चेन्नई, 30 अगस्त (आईएएनएस)। व्यासार्पडी के शास्त्री नगर के निवासी बाढ़ को लेकर चिंतित हैं क्योंकि लगातार बारिश से जलकुंभी (जलीय पादप) और कचरे से बुरी तरह अवरुद्ध नहर में पानी का खराब प्रवाह उजागर हो गया है।

शास्त्री नगर फर्स्ट स्ट्रीट के किनारे व्यासर्पडी नहर का एक हिस्सा जलकुंभी से ढका हुआ है, जिससे पानी के बहने के लिए बहुत कम जगह बची है। नहर एक हरे कालीन की तरह दिखती है, जिसके नीचे जमा पानी दुर्गंध और मच्छरों व कीड़ों के प्रकोप को और बढ़ा देता है।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि जलीय खरपतवार कई महीनों से अनियंत्रित रूप से फैल रहा था।

शहर में रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण, उन्हें आशंका है कि भारी बारिश से नहर में पानी भर सकता है और आसपास की सड़कों और घरों में बाढ़ आ सकती है।

शास्त्री नगर के अन्ना सलाई पर पुल के निर्माण से स्थिति और भी जटिल हो गई है। पुल के पास जलमार्ग के कुछ हिस्से निर्माण कार्य के दौरान अवरुद्ध हो गए हैं, जिससे जल निकासी धीमी हो गई है और फर्स्ट स्ट्रीट और आसपास के आवासीय क्षेत्रों में बारिश का पानी जमा हो रहा है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि रात में नहर के पास कूड़ा भी फेंका जा रहा है, जिससे जलमार्ग और भी अवरुद्ध हो रहा है। उन्होंने ग्रेटर चेन्नई नगर निगम से आग्रह किया कि शहर में भारी बारिश होने से पहले जलकुंभी (जलीय पादप) और जमा हुए कचरे को साफ किया जाए।

एक निवासी ने बताया, "पिछले पांच महीनों से यहां जलकुंभी उग रही है। कुछ लोग रात में नहर के किनारे कचरा भी फेंक देते हैं। इससे पानी का बहाव और बाधित होता है। दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप रोज़ाना की परेशानी है।"

एक अन्य निवासी, नागमणि ने कहा कि पुल के निर्माण कार्य के कारण कुछ स्थानों पर पानी का प्रवाह अवरुद्ध हो गया है, जिसके परिणामस्वरूप आवासीय क्षेत्रों में बारिश का पानी जमा हो गया है।

उन्होंने निर्माण कार्य पूरा करने और तब तक निर्बाध जल निकासी सुनिश्चित करने के लिए अस्थायी व्यवस्था करने का आह्वान किया।

निवासियों ने चेतावनी दी कि देरी से कार्रवाई करने पर सार्वजनिक स्वास्थ्य और नागरिक जीवन दोनों के लिए दोहरी समस्या उत्पन्न हो सकती है। घरों में बाढ़ आने के खतरे के अलावा, लंबे समय तक पानी जमा रहने से मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं और वेक्टर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अन्ना सलाई पर बने पुल के एक तरफ का काम पूरा हो चुका है और दूसरी तरफ का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

नगर निगम ने नहर से घनी वनस्पति हटाने के लिए रोबोटिक उत्खनन यंत्र की मांग की है। अधिकारी ने बताया कि उपकरण के घटनास्थल पर पहुंचते ही जलकुंभी हटाने का अभियान शुरू हो जाएगा।

हालांकि, स्थानीय निवासी चाहते हैं कि नहर को तत्काल साफ किया जाए और भारी बारिश के एक और दौर से पहले उसमें पानी का प्रवाह बहाल किया जाए।

--आईएएनएस

एसएके/एएस