हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी के चुनाव बाद की हिंसा वाले कदम को 'ड्रामा' बताया, स्कूलों में 'वंदे मातरम' का समर्थन किया
कोलकाता, 14 मई (आईएएनएस)। आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और विधायक हुमायूं कबीर ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की, चुनाव के बाद कथित हिंसा के मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट जाने को लेकर आलोचना की। उन्होंने इसे 'कोरा नाटक' करार दिया और दावा किया कि चुनाव के बाद ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं थी।
आईएएनएस से बात करते हुए, कबीर ने चुनाव के बाद हुई हिंसा के आरोपों पर सवाल उठाए और बनर्जी पर आरोप लगाया कि उन्होंने 2021 में अपने कार्यकाल के दौरान कथित तौर पर हुई घटनाओं को नजरअंदाज किया।
कबीर ने कहा, "चुनाव के बाद हिंसा कहां हुई? 2021 में, जब वह मुख्यमंत्री थीं, तो कई लोगों की जान खतरे में थी, और कई लोग मारे गए थे। अब उसे याद नहीं किया जा रहा है। वह भूल रही है कि पहले क्या किया गया था।"
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि बनर्जी का हाई कोर्ट जाना राजनीतिक रूप से प्रेरित था और इसका मकसद सिर्फ लोगों का ध्यान खींचना था।
उन्होंने आगे कहा, "आज वह सिर्फ नाटक कर रही हैं और एक नाटक के लिए हाई कोर्ट जा रही हैं। इससे कोई मकसद पूरा नहीं होगा। यह सब नाटक है, किसी को चोट नहीं लगी, चुनाव के बाद कोई हिंसा नहीं हुई।"
कबीर ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के उस ऐलान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि सोमवार से पूरे पश्चिम बंगाल के स्कूलों में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' गाया जाएगा।
इस कदम का समर्थन करते हुए कबीर ने कहा कि यह नारा और गीत देश की पहचान का एक अहम हिस्सा हैं और इस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, "'वंदे मातरम' भारत का नारा है। यह मातृभूमि का राष्ट्रगीत है। तो इसमें क्या दिक्कत है? पहले भी स्कूलों, कॉलेजों और कई जगहों पर 'वंदे मातरम' गाया जाता था। तो अगर मुख्यमंत्री ने ऐसा कहा है, तो इसमें क्या परेशानी है? किसी को भी इस पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।"
--आईएएनएस
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