जुबीन गर्ग केस पर बोले असम के मुख्यमंत्री, फास्ट ट्रैक कोर्ट से न्याय की उम्मीद
गुवाहाटी, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को उम्मीद जताई कि दिग्गज गायक जुबिन गर्ग की मौत के मामले की सुनवाई कर रही फास्ट-ट्रैक अदालत न्याय सुनिश्चित करेगी। यह बयान ऐसे समय आया है, जब मामले में जवाबदेही की मांग को लेकर जनदबाव लगातार बढ़ रहा है और दिवंगत गायक की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग तथा उनके प्रशंसक संगठन लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
हिमंता बिस्वा सरमा ने विरोध-प्रदर्शनों से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकती, हालांकि, फास्ट-ट्रैक अदालत में चल रही सुनवाई पर भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले पर न्यायपालिका गंभीरता से ध्यान दे रही है और इसकी विधिवत सुनवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, "हमें उम्मीद है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट से हमें सही न्याय मिलेगा।"
नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में शामिल होने के दौरान 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में लैजरस आइलैंड पर तैरते हुए गर्ग की मौत हो गई थी। इसके बाद घटना से जुड़ी परिस्थितियों की गहन जांच की मांग उठने लगी।
असम सरकार ने जनता के आक्रोश के बाद मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया। जांच के दौरान गायक और फेस्टिवल से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।
एसआईटी ने फेस्टिवल के आयोजक श्यामकानु महंत, गायक के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, सह-गायिका अमृतप्रभा महंत और संगीतकार शेखरज्योति गोस्वामी पर हत्या का आरोप लगाते हुए चार्जशीट दाखिल की। संदीपन गर्ग पर गैर-इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया, जबकि सुरक्षाकर्मी नदेश्वर बोरा और परेश बैश्य पर साजिश और आपराधिक विश्वासघात से जुड़े आरोप लगाए गए।
तब से यह मामला न्यायिक प्रक्रिया से आगे बढ़ा है और एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चार आरोपियों के खिलाफ हत्या के आरोप तय किए हैं। एक अहम घटनाक्रम में, गुवाहाटी हाईकोर्ट ने हाल ही में अमृतप्रभा महंता को 50,000 रुपए के बॉन्ड पर जमानत दे दी।
जांचकर्ताओं द्वारा पूछताछ के बाद उन्हें पिछले साल 2 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था और हाफलोंग जेल में रखा गया था। वह इस मामले में जमानत पाने वाली पहली आरोपी हैं।
यह जमानत का आदेश अन्य आरोपियों से जुड़ी कानूनी कार्यवाही के बीच आया है, जिनमें श्यामकानु महंता भी शामिल हैं, जिनकी ज़मानत याचिका पर भी अदालत विचार कर रही है। गर्ग की मौत से पूरे असम में लोगों की भावनाएं आहत हैं। प्रशंसक और नागरिक समाज के समूह गायक के लिए निष्पक्ष सुनवाई और न्याय की मांग कर रहे हैं।
--आईएएनएस
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