हिंदू संगठनों ने प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ खोला मोर्चा, दशहरा की छुट्टी न देने पर कार्रवाई की मांग
बेंगलुरु, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। हिंदू संगठनों ने सोमवार को स्कूल शिक्षा विभाग से उन प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की, जो कथित तौर पर राज्य सरकार द्वारा घोषित दशहरा की छुट्टियों के दौरान क्लास और परीक्षाएं आयोजित कर रहे हैं और इसके बजाय दिसंबर में क्रिसमस के समय छुट्टियां दे रहे हैं।
श्रीराम सेना-कर्नाटक और हिंदू जन जागृति वेदिके ने रामनगर और बेंगलुरु दक्षिण जिले के स्कूल शिक्षा उप-निदेशक को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें सरकार के छुट्टी के आदेश को लागू करने की मांग की गई।
संगठन के अनुसार, सरकार ने दशहरा के मौके पर 3 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक स्कूलों और कॉलेजों के लिए 19 दिन की छुट्टी की घोषणा की है। हालांकि, माता-पिता और आम जनता की आपत्तियों और शिकायतों के बावजूद, कुछ प्राइवेट स्कूल कथित तौर पर सरकारी आदेश का उल्लंघन करते हुए रेगुलर क्लास और परीक्षाएं जारी रखे हुए थे।
संगठन ने कहा कि दशहरा कर्नाटक का एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण त्योहार है और सरकार ने त्योहार के दौरान छुट्टियां इसलिए घोषित की थीं ताकि छात्र अपने परिवारों के साथ समय बिता सकें और राज्य की सांस्कृतिक विरासत को समझ सकें।
संगठन ने कहा कि छुट्टी की अवधि के दौरान क्लास और परीक्षाएं आयोजित करने से छात्रों में अनावश्यक दबाव और तनाव पैदा होगा और छुट्टियां घोषित करने का मकसद ही खत्म हो जाएगा।
संगठन ने सरकार के छुट्टी के आदेश के कथित उल्लंघन की कड़ी निंदा की और शिक्षा विभाग से उन शिक्षण संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया, जो दशहरा की छुट्टियों के दौरान क्लास और परीक्षाएं आयोजित करते हैं।
श्रीराम सेना-कर्नाटक के जिला अध्यक्ष परमेश गौड़ा के. ने यह भी आरोप लगाया कि इस मुद्दे से हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ प्राइवेट शिक्षण संस्थान दशहरा के दौरान छुट्टियां नहीं देते हैं और इसके बजाय क्रिसमस के दौरान लंबी छुट्टी देते हैं।
संगठन ने कहा कि वह पिछले तीन वर्षों से इस प्रथा का विरोध कर रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने शिक्षा विभाग से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि प्राइवेट स्कूल सरकार की छुट्टी की अधिसूचना का पालन करें।
हालांकि, कर्नाटक में प्राइमरी और सेकेंडरी स्कूलों के एसोसिएटेड मैनेजमेंट (केएएमएस) डी. शशिकुमार ने इस मांग का विरोध करते हुए इसे "पूरी तरह गलत" बताया।
उन्होंने कहा कि प्राइवेट और बिना सरकारी मदद वाले स्कूलों को तय सिलेबस और पढ़ाने की अवधि का पालन करना होता है और उन्हें तय कामकाजी दिनों के लिए स्कूल चलाना होता है। स्कूलों को स्थानीय त्योहारों पर छुट्टियां देने के मामले में कुछ छूट दी गई है और हालात के हिसाब से स्थानीय त्योहारों के लिए तीन से चार दिन की छुट्टी दी जा सकती है।
--आईएएनएस
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