हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने राज्य के इतिहास में सबसे ज्यादा कर्ज लिया: भाजपा
शिमला, 6 अगस्त (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू पर राज्य के इतिहास में सबसे ज्यादा कर्ज लेने का आरोप लगाया।
भाजपा प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि रिकॉर्ड कर्ज के अलावा, मुख्यमंत्री को भ्रष्टाचार में अपने लोगों का पक्ष लेने और राजनीतिक बदले की भावना से राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ सबसे ज्यादा फर्जी मामले दर्ज करने का रिकॉर्ड बनाने के लिए भी याद किया जाएगा।
उन्होंने दावा किया, "हिमाचल प्रदेश में अब लोकतांत्रिक सरकार नहीं, बल्कि चहेते लोगों का एक सिंडिकेट शासन कर रहा है।"
राणा के अनुसार, सचिवालय में अहम फैसलों से लेकर अलग-अलग विभागों में नियुक्तियों तक, इस "सिंडिकेट" का असर हर जगह दिखता है।
राजेंद्र राणा ने आगे आरोप लगाया कि टैक्स देने वालों का पैसा विकास पर नहीं, बल्कि दर्जनों विशेष ड्यूटी पर तैनात अधिकारी, सलाहकारों, मीडिया सलाहकारों और राजनीतिक रूप से नियुक्त लोगों को बनाए रखने पर खर्च किया जा रहा है।
सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर सीधा हमला करते हुए राणा ने आरोप लगाया कि जहां हिमाचल प्रदेश को राज्य का दर्जा मिलने के बाद अपना पिछला कर्ज जमा करने में कई दशक लग गए थे। वहीं मौजूदा सरकार ने एक ही कार्यकाल में रिकॉर्ड कर्ज लिया है, जिससे राज्य गंभीर वित्तीय संकट की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने दावा किया कि सरकार सिर्फ पुराने कर्ज चुकाने के लिए नए कर्ज ले रही है, जबकि जमीनी स्तर पर विकास नदारद है।
केंद्र सरकार से नेशनल हाईवे, आपदा राहत और विकास परियोजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपए मिलने के बावजूद सड़कें खराब हालत में हैं, पुल क्षतिग्रस्त हैं और ग्रामीण इलाकों में लोग बुनियादी कनेक्टिविटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और पर्यटन में गिरावट देखी जा रही है। राज्य द्वारा संचालित हिमाचल सड़क परिवहन निगम अभूतपूर्व वित्तीय संकट का सामना कर रहा है। कई बस रूट बंद कर दिए गए हैं और डीजल व स्पेयर पार्ट्स की कमी की खबरें हैं। कर्मचारियों को वित्तीय लाभ मिलने में देरी हो रही है और पेंशनभोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि सरकार नतीजे देने के बजाय सिर्फ घोषणाएं करने तक सीमित है।
उन्होंने सरकार पर मुनाफा कमाने वाली सार्वजनिक संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के हिमाचल प्रदेश टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के कमाई करने वाले होटलों और नई दिल्ली में हिमाचल निकेतन जैसी अहम सरकारी संपत्तियों को प्राइवेट उद्यमियों को सौंप दिया जाएगा।
उन्होंने सवाल किया कि अगर सरकार की नीयत साफ है तो ये फैसले जनता के सामने क्यों नहीं रखे जा रहे हैं।
--आईएएनएस
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