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आंध्र प्रदेश में भारी बारिश से 613 किलोमीटर सड़कें हुईं क्षतिग्रस्त

अमरावती, 24 सितंबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मंत्री बी.सी. जनार्दन रेड्डी ने गुरुवार को बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) के कारण हुई भारी बारिश से आंध्र प्रदेश में 613 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
 

अमरावती, 24 सितंबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मंत्री बी.सी. जनार्दन रेड्डी ने गुरुवार को बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) के कारण हुई भारी बारिश से आंध्र प्रदेश में 613 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

बुधवार देर रात तटीय आंध्र से 'डीप डिप्रेशन' (गहरे कम दबाव का क्षेत्र) के गुजरने के बाद भी तटीय इलाकों में भारी बारिश जारी है। इसे देखते हुए सड़क और भवन (आरएंडबी) मंत्री ने विभाग के अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है।

अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने बताया कि लगातार बारिश के कारण गुरुवार सुबह 7 बजे तक राज्य भर में आरएंडबी की 613 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। सबसे ज्यादा नुकसान श्रीकाकुलम जिले में हुआ है, जहां 356 किलोमीटर सड़कें प्रभावित हुई हैं।

'डीप डिप्रेशन' के कारण श्रीकाकुलम, पार्वतीपुरम-मान्यम, विजयनगरम, अल्लूरी सीताराम राजू, विशाखापत्तनम, अनाकापल्ली, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी, अंबेडकर कोनासीमा, पश्चिमी गोदावरी, अनंतपुर, कुरनूल और नंड्याल जिलों में सड़कों को काफी नुकसान पहुंचा है।

राज्य भर में चार जगहों पर गहरे गड्ढे बनने के कारण सड़कें बह गईं। मंत्री ने बताया कि 78 जगहों पर क्रॉस-ड्रेनेज (सीडी) के काम क्षतिग्रस्त हुए हैं और इनमें से 37 जगहों पर मरम्मत का काम शुरू भी कर दिया गया है।

मंत्री के अनुसार, 11 जगहों पर सड़कों पर पेड़ गिरे थे, जिन्हें वाहनों की आवाजाही सुचारू रखने के लिए पूरी तरह से हटा दिया गया है।

उन्होंने बताया कि भारी बारिश के कारण 23 जगहों पर ट्रैफिक में रुकावट आई, जिनमें से 14 जगहों पर ट्रैफिक जाम को सफलतापूर्वक हटा दिया गया।

अनुमान है कि बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की अस्थायी मरम्मत के लिए लगभग 26.95 करोड़ रुपए और स्थायी बहाली के लिए 224.73 करोड़ रुपए की आवश्यकता होगी। आरएंडबी विभाग ने राज्य भर में 78 कंट्रोल रूम बनाए हैं और नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं।

जनार्दन रेड्डी ने कहा, "हम आरएंडबी विंग से जुड़े विभागों के साथ 36 संयुक्त समन्वय बैठकें करके जमीनी हालात का लगातार जायजा ले रहे हैं। हमने चौबीसों घंटे सहायता प्रदान करने के लिए प्रमुख नगर निगमों में टोल-फ्री सेवाएं शुरू की हैं।"

विभाग ने राज्य भर में 614 जगहों की पहचान संवेदनशील या दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों के रूप में की है।

विभाग ने सड़कों पर गिरे पेड़ों और भूस्खलन जैसी रुकावटों को हटाने के लिए 550 जेसीबी और 596 पावर आरी तैयार रखी हैं। मंत्री ने कहा कि आपातकालीन राहत कार्यों के लिए कर्मचारी और जरूरी उपकरण तैयार रखे गए थे।

--आईएएनएस

एससीएच/पीएम