हरियाणा के मुख्यमंत्री ने फसल खरीद को लेकर किसानों को गुमराह करने के लिए कांग्रेस की आलोचना की
चंडीगढ़, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को फसल खरीद को लेकर किसानों को गुमराह करने के लिए कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार ने सभी अनाज मंडियों में सुचारू, पारदर्शी और परेशानी मुक्त खरीद प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए व्यापक और मजबूत व्यवस्था की है।
मुख्यमंत्री ने यहां मीडिया को बताया कि प्रत्येक मंडी में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारियों को जिलावार जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं और मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी जमीनी स्थिति पर नजर रख रहे हैं ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
भूपिंदर हुड्डा के नेतृत्व वाली पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उसके 10 साल के शासनकाल में शासन व्यवस्था हाशिए पर चली गई और किसानों को भुगतना पड़ा। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए मंडियों के बाहर तीन से सात दिन तक इंतजार करना पड़ता था, बोरियों की कमी का सामना करना पड़ता था और बारिश के कारण उनकी फसलें अक्सर बर्बाद हो जाती थीं, जिसके चलते उन्हें अपने खर्च पर तिरपाल लगवाने पड़ते थे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसके कार्यकाल में फसलों की सुरक्षा के लिए कितने गोदाम बनाए गए थे। उन्होंने कहा कि खरीद में कटौती, भुगतान में देरी और यहां तक कि मात्र 2 रुपए का सांकेतिक मुआवजा भी किसानों के प्रति पिछली सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने किसानों द्वारा उत्पादित एक-एक अनाज खरीदेंगे। कांग्रेस की नीतियां जन कल्याण के उद्देश्य से नहीं बनाई गई थीं, बल्कि सीमित हितों की पूर्ति करती थीं। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी अब जमीनी हकीकतों से पूरी तरह से कट चुकी है।
केंद्र सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों के कल्याण पर विशेष ध्यान देते हुए काम किया है और यह सुनिश्चित किया है कि सरकारी योजनाएं हर गांव और हर घर तक पहुंचें, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जिनकी सरकारी कार्यालयों तक पहुंच नहीं है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 28 मार्च से सरसों की खरीद जारी है। अब तक मंडियों में 16,046 मीट्रिक टन सरसों आ चुकी है, जिसमें से 3,421 मीट्रिक टन सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदी जा चुकी है, जबकि शेष निजी व्यापारियों द्वारा खरीदी गई है। मंडियों से कुल 1,558 मीट्रिक टन सरसों उठाई जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 6,200 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से किसानों के बैंक खातों में सीधे बैक ट्रांसफर के माध्यम से 4.94 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। इसी प्रकार, 1 अप्रैल से शुरू हुई गेहूं की खरीद में 17.37 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज की गई है, जिसमें से अब तक 3.92 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है।
--आईएएनएस
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