केरल: तीन वर्षों में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 5,991 सड़क दुर्घटनाओं में मौतें हुईं
तिरुवनंतपुरम, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल में 2021 से 2026 के बीच हुई सड़क दुर्घटनाओं में से लगभग आधी मौतें राष्ट्रीय राजमार्गों पर हुईं।
मंत्री कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों से पता चलता है कि राज्य की सड़कों पर 2023 से 2025 के बीच हुई 11,697 दुर्घटनाओं में से 5,991 मौतें राष्ट्रीय राजमार्गों पर हुईं।
लोक निर्माण मंत्री पीके बशीर ने विधानसभा को बताया कि तेज गति और यातायात नियमों का उल्लंघन सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य कारण हैं।
विधायकों के प्रश्नों के उत्तर में उन्होंने कहा कि केवल सड़क निर्माण की खामियों से इन मौतों की व्याख्या नहीं की जा सकती।
हालांकि, मंत्री ने स्वीकार किया कि सड़कों की खामियों के कारण भी दुर्घटनाएं होती हैं। उन्होंने यातायात नियमों के सख्त प्रवर्तन के साथ-साथ सुरक्षित सड़कों की आवश्यकता पर जोर दिया।
ये आंकड़े दुर्घटना-प्रवण सड़कों की ओर एक बार फिर ध्यान आकर्षित करते हैं, जहां एक क्षण की लापरवाही, एक खतरनाक मोड़, या अपर्याप्त सड़क सुरक्षा उपाय परिवारों के लिए विनाशकारी परिणाम ला सकते हैं।
सरकार ने राष्ट्रीय परिवहन योजना और अनुसंधान केंद्र (एनएटीपीएसी) द्वारा किए गए वैज्ञानिक अध्ययनों के माध्यम से दुर्घटना-प्रवण स्थानों की पहचान की है, जिन्हें ब्लैक स्पॉट के रूप में जाना जाता है।
पुलिस, मोटर वाहन विभाग और सड़क प्रबंधन एजेंसियों द्वारा संयुक्त निरीक्षण उन स्थानों पर भी किए जाते हैं जहां अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं।
इन निरीक्षणों का उद्देश्य दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान करना और सुधारात्मक उपायों की सिफारिश करना है।
बशीर ने कहा कि सड़क पुनर्निर्माण के लिए अनुमान तैयार करने से पहले सड़क की स्थिति, उसके दुर्घटना इतिहास और मौजूदा सुरक्षा जोखिमों का आकलन किया जाता है।
इन आकलनों के आधार पर सुरक्षा उपायों को योजनाओं में शामिल किया जाता है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर खतरनाक 'ब्लैक स्पॉट' पर अस्थायी और स्थायी दोनों तरह के उपाय लागू किए जा रहे हैं।
इन उपायों में सौर ऊर्जा से चलने वाले ब्लिंकर, रंबल स्ट्रिप्स, स्पीड हंप, रिफ्लेक्टिव रोड साइन, रोड मार्किंग और रोड स्टड शामिल हैं।
दुर्घटनाओं के जोखिम और गंभीरता को कम करने के लिए खतरनाक मोड़ों और सड़क के बीचोंबीच धातु के क्रैश बैरियर और वायर-रोप बैरियर भी लगाए जा रहे हैं।
फिर भी, मंत्री के जवाब से एक ऐसी चुनौती का पता चलता है जो इंजीनियरिंग से परे है।
हालांकि सड़क बुनियादी ढांचे में सुधार से जोखिम कम हो सकते हैं, लेकिन ओवरस्पीडिंग और यातायात नियमों का उल्लंघन दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण बने हुए हैं।
सड़क उपयोगकर्ताओं और उनके परिवारों के लिए सुरक्षित यात्राएं बेहतर ढंग से डिजाइन की गई सड़कों और जिम्मेदार ड्राइविंग दोनों पर निर्भर करेंगी।
--आईएएनएस
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