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अरुणाचल प्रदेश के गवर्नर ने छात्रों से किया इनोवेटर और राष्ट्र निर्माता बनने का आग्रह

ईटानगर, 22 अप्रैल (आईएएनएस) । अरुणाचल प्रदेश के गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक (रिटायर्ड) ने बुधवार को छात्रों से आग्रह किया कि वे नौकरी देने वाले, इनोवेटर और समस्याओं को सुलझाने वाले बनकर बेहतरीन प्रदर्शन करने का प्रयास करें। साथ ही अपने ज्ञान और कौशल के माध्यम से समाज और राष्ट्र में सक्रिय रूप से योगदान दें।
 
अरुणाचल प्रदेश के गवर्नर ने छात्रों से किया इनोवेटर और राष्ट्र निर्माता बनने का आग्रह

ईटानगर, 22 अप्रैल (आईएएनएस) । अरुणाचल प्रदेश के गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक (रिटायर्ड) ने बुधवार को छात्रों से आग्रह किया कि वे नौकरी देने वाले, इनोवेटर और समस्याओं को सुलझाने वाले बनकर बेहतरीन प्रदर्शन करने का प्रयास करें। साथ ही अपने ज्ञान और कौशल के माध्यम से समाज और राष्ट्र में सक्रिय रूप से योगदान दें।

ईटानगर में स्थित अरुणाचल विश्वविद्यालय के नए जोलांग परिसर में आयोजित छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थी अरुणाचल प्रदेश के साथ-साथ राष्ट्र के भी भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं और एक प्रगतिशील तथा समावेशी भारत को गढ़ने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और अपरिहार्य है।

उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित किया कि वे केवल अपनी व्यक्तिगत सफलता के लिए ही नहीं, बल्कि समाज, सामुदायिक विकास और राष्ट्र-निर्माण में योगदान देने वालों के रूप में भी उत्कृष्टता का लक्ष्य रखें। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अंतिम उद्देश्य एक व्यापक सामाजिक उद्देश्य की पूर्ति करना होना चाहिए।

गवर्नर ने छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने आचरण में जिम्मेदार, अपने दृष्टिकोण में दयालु और सकारात्मक बदलाव लाने में सक्रिय भागीदार बनें, ताकि एक मजबूत, अधिक लचीले और अधिक प्रगतिशील भारत के निर्माण में वे सक्रिय और जागरूक सहयोगी बन सकें।

उन्होंने स्नातक हो रहे छात्रों को सलाह दी कि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल बदलाव और तकनीकी प्रगति द्वारा आकार दिए जा रहे तेजी से बदलते वैश्विक परिवेश में जिज्ञासु, अनुकूलनीय और निरंतर सीखने के प्रति समर्पित रहें।

लेफ्टिनेंट जनरल परनाइक ने छात्रों को प्रोत्साहित किया कि वे आत्मविश्वास और जिम्मेदारी के साथ तकनीक को अपनाएं। साथ ही यह भी याद रखें कि सच्ची ताकत आलोचनात्मक सोच, नैतिक मूल्यों, सुदृढ़ चरित्र और नवाचार करने तथा पहल करने के साहस में निहित है।

गवर्नर ने वैज्ञानिक सोच विकसित करने और यथास्थिति पर सवाल उठाने तथा उसे चुनौती देने के महत्व पर जोर देते हुए स्नातक हो रहे छात्रों से आग्रह किया कि वे बदलाव के ऐसे वाहक बनें जो अरुणाचल प्रदेश के साथ-साथ पूरे राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान दें।

उन्होंने अरुणाचल यूनिवर्सिटी के प्रबंधन, शिक्षकों और कर्मचारियों की सराहना की, जिन्होंने प्रतिभा को निखारने, नवाचार को बढ़ावा देने और जिम्मेदार, सामाजिक रूप से जागरूक तथा मूल्यों पर आधारित नागरिक तैयार करने के प्रति अपना समर्पण दिखाया है।

उन्होंने यूनिवर्सिटी के विविध शैक्षणिक कार्यक्रमों और यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी), बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) और एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (एआईयू) जैसे प्रतिष्ठित निकायों द्वारा इसे मिली मान्यता की भी सराहना की।

इसके अलावा, गवर्नर ने संस्थान की सामाजिक पहुंच की पहलों की सराहना की, जिनमें रक्तदान शिविर, कानूनी सहायता सेवाएं और 'ग्रीन कैंपस मिशन' शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये पहल सामाजिक जिम्मेदारी और सामुदायिक जुड़ाव की एक मजबूत और सराहनीय भावना को दर्शाती हैं।

संकाय सदस्यों से ज्ञान देने की पारंपरिक भूमिका से आगे बढ़कर काम करने का आह्वान करते हुए उन्होंने उनसे ऐसे मार्गदर्शक और सलाहकार बनने का आग्रह किया जो जिज्ञासा, रचनात्मकता और आलोचनात्मक सोच को प्रेरित करें, और साथ ही शिक्षा को कौशल विकास तथा व्यावहारिक, वास्तविक दुनिया के उपयोगों से जोड़ें।

ईटानगर के जोलांग कैंपस में आयोजित अरुणाचल विश्वविद्यालय के 6वें दीक्षांत समारोह में कुल 143 स्नातकों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें 31 स्नातक (अंडरग्रेजुएट) शामिल थे।

विशेष रूप से, शीर्ष स्थान पाने वालों को दिए गए 11 स्वर्ण पदकों में से 9 महिला छात्रों ने हासिल किए, जो उच्च शिक्षा में उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन और निरंतर श्रेष्ठता को दर्शाता है।

विश्वविद्यालय में वर्तमान में 1,610 छात्र हैं, जिनमें अरुणाचल प्रदेश के 1,321 छात्र शामिल हैं और संकाय सदस्यों की संख्या 59 है।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी