गुजरात ने जापानी उद्योगपतियों को निवेश का दिया न्योता, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी पर फोकस
ओसाका, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सोमवार को जापानी उद्योगपतियों और निवेशकों को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने विशेष रूप से सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर जोर दिया।
ओसाका में आयोजित एक उच्चस्तरीय राउंडटेबल बैठक में हर्ष संघवी ने जापानी उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ रणनीतिक साझेदारी और नए निवेश अवसरों पर चर्चा की। यह बैठक आगामी वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट से पहले गुजरात और जापान के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
संघवी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा, "जापान उगते सूरज की धरती है और गुजरात उभरते अवसरों की धरती है।" उन्होंने भारत और जापान के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों का उल्लेख करते हुए व्यापार, प्रौद्योगिकी और उद्योग के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि भारत और जापान के संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पारस्परिक विश्वास, सम्मान, साझा मूल्यों और सांस्कृतिक जुड़ाव पर भी आधारित हैं।
संघवी ने दोनों देशों के संबंधों को पुरानी और मजबूत मित्रता बताते हुए कहा कि आर्थिक सहयोग को और आगे बढ़ाने की काफी संभावनाएं मौजूद हैं।
उन्होंने गुजरात की आर्थिक भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य देश की कुल आबादी का लगभग पांच प्रतिशत हिस्सा है, लेकिन भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में उसका योगदान आठ प्रतिशत से अधिक है।
उन्होंने बताया कि गुजरात देश के कुल औद्योगिक उत्पादन का लगभग 18 प्रतिशत योगदान देता है, जबकि भारत के करीब एक-तिहाई निर्यात की उत्पत्ति भी इसी राज्य से होती है।
संघवी ने कहा कि गुजरात के बंदरगाह देश के लगभग 40 प्रतिशत माल ढुलाई का संचालन करते हैं, जबकि राज्य में उपयोग होने वाली ऊर्जा का 65 प्रतिशत हिस्सा नवीकरणीय स्रोतों से आता है।
उन्होंने कहा, "गुजरात गति, पैमाने और स्थिरता का प्रतीक है।" उन्होंने राज्य की पारदर्शी नीतियों और तेज निर्णय प्रक्रिया को निवेशकों के लिए अनुकूल बताया।
उपमुख्यमंत्री ने गुजरात को भारत का प्रवेश द्वार और भारत को वैश्विक बाजारों का प्रवेश द्वार बताया।
जापान और गुजरात के बीच पहले से मौजूद सहयोग का जिक्र करते हुए उन्होंने सुजुकी की मौजूदगी, बुलेट ट्रेन परियोजना और जापानी औद्योगिक पार्कों को दोनों पक्षों के मजबूत संबंधों के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि गुजरात तेजी से उन्नत उद्योगों का केंद्र बन रहा है। सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में जापान की तकनीकी क्षमता और गुजरात की प्रतिभा मिलकर नए अवसर पैदा कर सकती है।
संघवी ने जापानी निवेशकों को वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में भाग लेने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा, "आइए, गुजरात को देखिए, निवेश कीजिए और हमारे साथ आगे बढ़िए।"
राज्य सरकार के अनुसार, ओसाका कार्यक्रम के दौरान निवेशकों के साथ 11 व्यक्तिगत बैठकों के अलावा हर्ष संघवी की अध्यक्षता में एक राउंडटेबल सम्मेलन भी आयोजित किया गया।
इस अवसर पर जापानी उद्योगपतियों को वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया गया, ताकि दोनों पक्षों के बीच निवेश और औद्योगिक सहयोग को और मजबूत किया जा सके।
--आईएएनएस
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