गुजरात में सीबीजी संयंत्रों को बड़ी राहत, अब नहीं होगी अलग एनओसी और सहमति दस्तावेजों की जरूरत
गांधीनगर, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात में पात्र कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) और बायो-सीएनजी संयंत्रों को अब गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जीपीसीबी) से अलग-अलग छूट पत्र या सहमति दस्तावेज लेने की जरूरत नहीं होगी। नियामक प्रक्रियाओं को आसान बनाने और सरकारी मंजूरियां मिलने में होने वाली देरी को कम करने के उद्देश्य से एक सामान्य अधिसूचना जारी की गई है।
जीपीसीबी ने 28 अक्टूबर को यह अधिसूचना जारी की, जिसमें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा लागू संशोधित 'व्हाइट कैटेगरी' वर्गीकरण को कार्यान्वित किया गया है।
संशोधित वर्गीकरण के तहत, निर्दिष्ट कच्चे माल का उपयोग करने वाले और निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले पात्र संयंत्रों को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से स्थापना की सहमति (सीटीई) और संचालन की सहमति (सीटीओ) प्राप्त करने से छूट दी गई है।
इस कदम का उद्देश्य गुजरात भर में छूट का एकसमान कार्यान्वयन सुनिश्चित करना और अलग-अलग इकाइयों को स्पष्टीकरण या छूट पत्र के लिए जीपीसीबी से अलग से संपर्क करने की आवश्यकता को समाप्त करना है।
यह अधिसूचना जीपीसीबी के 23 अक्टूबर के परिपत्र के बाद जारी की गई है, जिसमें सीपीसीबी के अपडेट वर्गीकरण के अनुरूप 'व्हाइट कैटेगरी' के अंतर्गत वर्गीकृत 768 औद्योगिक गतिविधियों और उत्पादों की संशोधित सूची प्रकाशित की गई है।
निर्दिष्ट कच्चे माल की आवश्यकताओं और अन्य शर्तों के अधीन, पात्र सीबीजी संयंत्रों को क्रमांक 763 और 768 पर सूचीबद्ध किया गया है।
इस छूट से पत्राचार और प्रक्रियात्मक विलंब में कमी आने की उम्मीद है, विशेष रूप से उन परियोजनाओं के लिए जो सरकारी योजनाओं के तहत पंजीकरण, अनुमति और वित्तीय सहायता के लिए आवेदन कर रही हैं।
हालांकि, सीटीई और सीटीओ से छूट मिलने का मतलब यह नहीं है कि संयंत्र अपने पर्यावरणीय अनुपालन दायित्वों से मुक्त हो जाएंगे।
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 12 नवंबर, 2024 को जारी अधिसूचना जीएसआर 703(ई) के मुताबिक, पात्र 'व्हाइट कैटेगरी' इकाइयों को निर्धारित तरीके से राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सूचित करना होगा और लागू पर्यावरण कानूनों और विनियमों के अनुपालन की पुष्टि करते हुए एक स्व-घोषणा प्रस्तुत करनी होगी।
जीपीसीबी की नवीनतम अधिसूचना में उन मामलों का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें सरकारी विभागों और अन्य प्राधिकरणों ने गोबर्धन एकीकृत पंजीकरण पोर्टल पर पंजीकरण के दौरान या अन्य अनुमतियों, पंजीकरणों और सरकारी वित्तीय सहायता के लिए आवेदनों की प्रक्रिया करते समय सीबीजी और बायो-सीएनजी परियोजनाओं के आवेदकों से सीटीई, सीटीओ या अलग अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मांगा है।
स्पष्टीकरण के मुताबिक, सरकारी विभागों, पंजीकरण प्राधिकरणों और अन्य एजेंसियों को 'व्हाइट कैटेगरी' छूट के अंतर्गत आने वाले पात्र पौधों के लिए जीपीसीबी से अलग से सीटीई, सीटीओ या एनओसी दस्तावेज़ मांगने की आवश्यकता नहीं है। लागू कानूनी प्रावधानों और निर्धारित प्रक्रियाओं के अधीन रहते हुए, प्राधिकरण जीपीसीबी को प्रस्तुत आवश्यक अधिसूचना के आधार पर आवेदन प्रक्रिया आगे बढ़ा सकते हैं।
संशोधित 'व्हाइट कैटेगरी'सूची और अधिसूचना जीपीसीबी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
--आईएएनएस
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